सऊदी अरब में मृत मिले चीता संरक्षणवादी विन्सेंट वान डेर मेरवे, भारत के ‘प्रोजेक्ट चीता’ से थे जुड़े

रियाद | 20 मार्च 2025: दक्षिण अफ्रीका के मशहूर चीता संरक्षणवादी विन्सेंट वान डेर मेरवे का सऊदी अरब के रियाद में निधन हो गया। उनके परिवार और सहयोगियों ने सोशल मीडिया के जरिए इस दुखद खबर की पुष्टि की। विन्सेंट भारत के ‘प्रोजेक्ट चीता’ से भी जुड़े थे और उन्होंने इस महत्वाकांक्षी योजना को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई थी।
कैसे हुई मौत?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, विन्सेंट वान डेर मेरवे का शव उनके अपार्टमेंट की बिल्डिंग के हॉलवे में मिला।
- उनके सिर पर चोट के निशान पाए गए।
- CCTV फुटेज में दिखा कि वह अचानक गिर पड़े, जिससे उनका सिर फर्श से टकरा गया।
- हालांकि, उनकी मौत के पीछे किसी साजिश की संभावना को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
विन्सेंट वान डेर मेरवे कौन थे?
- विन्सेंट मेटापॉपुलेशन इनिशिएटिव के चीता मैनेजर थे।
- 2024 में वह भारत में ‘प्रोजेक्ट चीता’ के ट्रांसलोकेशन प्रोजेक्ट की निगरानी के लिए आए थे।
- उन्होंने भारत में चीतों के पुनर्वास को सफल बनाने के लिए भारतीय अधिकारियों के साथ मिलकर काम किया।
- अफ्रीका और एशिया में चीता संरक्षण में उनके योगदान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया।
भारत में ‘प्रोजेक्ट चीता’ से जुड़ाव
विन्सेंट वान डेर मेरवे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू किए गए ‘प्रोजेक्ट चीता’ में अहम भूमिका निभाई थी।
- यह प्रोजेक्ट भारत में चीतों के पुनर्वास को लेकर था, जिसके तहत नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से चीतों को मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में बसाया गया।
- विन्सेंट ने भारत में चीता संरक्षण और उनके अनुकूल माहौल तैयार करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
मौत से पहले का घटनाक्रम
- विन्सेंट सऊदी अरब में चीता संरक्षण से जुड़े एक प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे।
- उन्होंने गुरुवार को ही अपने अनुबंध को एक और साल के लिए बढ़ाया था।
- उनका अचानक निधन चीता संरक्षण समुदाय के लिए बड़ा झटका है।
उनकी मौत की जांच अभी जारी है, और आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।





