दिल्ली:शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का दिल्ली पुलिस से सामना, गौरक्षा पर राजनीतिक दलों से मिलना चाहते थे

दिल्ली:17 मार्च 2025 को ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती दिल्ली में गौरक्षा के मुद्दे पर राजनीतिक दलों से मिलने के लिए पहुंचे, लेकिन दिल्ली पुलिस ने उन्हें नरेला में रोक दिया। शंकराचार्य इस कार्रवाई से भड़क गए और उन्होंने कहा कि “आप देश में गाय की बात ही नहीं कर सकते हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि गौ माता के भक्तों के साथ ऐसा व्यवहार हो रहा है, लेकिन गाय के सम्मान की लड़ाई जारी रखनी होगी।

धरना देने की अनुमति नहीं मिली

शंकराचार्य ने पहले दिल्ली के रामलीला मैदान में धरना देने की अनुमति मांगी थी, लेकिन कानून-व्यवस्था की चिंता को लेकर प्रशासन ने उन्हें अनुमति नहीं दी। इसके बाद, शंकराचार्य ने अपने रुख को बदलते हुए दिल्ली में विभिन्न नेताओं से मुलाकात करने का निर्णय लिया। इसी दौरान, पुलिस ने उन्हें रोक लिया, जो उनकी योजना के अनुसार नहीं था।

गौहत्या पर शंकराचार्य का कड़ा रुख

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि नेता गायों की रक्षा का दावा करते हैं, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि प्रतिदिन 80,000 गायों का वध किया जाता है। उन्होंने इसे पाखंड करार दिया और कहा कि एक सच्चा हिंदू गौहत्या को बर्दाश्त नहीं कर सकता। हिंदू धर्म में गाय को माता का दर्जा दिया गया है और गाय काटना महापाप माना जाता है।

हिंदू राष्ट्र की अवधारणा पर विचार

शंकराचार्य ने यह भी कहा कि अगर गाय की रक्षा का मुद्दा जारी रहा, तो हिंदू राष्ट्र की अवधारणा का कोई मतलब नहीं रहेगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केवल समाजवादी पार्टी के एक नेता ने इस मुद्दे पर समर्थन दिया है, जबकि अन्य नेता इस मुद्दे पर चुप हैं।स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने स्पष्ट किया कि वे गाय की रक्षा के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे और हर नेता से मिलकर अपना संदेश पहुंचाएंगे। उनका कहना था कि गौहत्या के खिलाफ आवाज उठाना एक सच्चे हिंदू का धर्म है।

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