Et af de længst eksisterende offshore-navne er stadig Queenvegas selvom konkurrencen er blevet hård. I sammanställningar av nyare alternativ förekommer Slotser casino som ett av flera mindre kända varumärken. Bland mindre etablerade sajter återfinns Newlucky casino som har en relativt enkel webbplats men ett brett spelutbud. För dem som vill veta mer om sajter utan begränsningar kan man klicka här och bläddra bland alternativen. Among lion-themed brand entries is www.leoncasino.nu which sits alongside several similar names. För spelare som är nyfikna på bonus buy-mekaniken kan man läs mer här för en bredare överblick.

अब 7 सालों बाद फिर से शुरु होने वाला है स्काई वॉक का निर्माण कार्य

नई दिल्ली: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के बीचो-बीच बने स्काई वॉक का निर्माण कार्य.. अब 7 सालों बाद फिर से शुरु होने वाला है… जिसके लिए लोक निर्माण विभाग की ओर से चार बार निविदा बुलाई जा चुकी है.. जिसमें मित्तल ब्रदर्स, जीएस कंस्ट्रक्शन और पीएसए कंस्ट्रक्शन शामिल है… लेकिन अभी तक कोई निर्माण एजेंसी तय नहीं हो पाई है…  बता दें कि इनमें जीएस कंस्ट्रक्शन कंपनी भी है, जिसका काम पिछली कांग्रेस की सरकार ने बंद कराया था… लेकिन काफी समय से निर्माण कार्य अधूरा होने और नियमित देखरेख न होने से स्काईवॉक का ढांचा जर्जर सा दिखने लगा है… जिसे लेकर संदेह है कि लोहे के गर्डर सहित अन्य निर्माण सामग्रियां खराब हो रही हैं… लेकिन फिर से निर्माण कार्य शुरु होने जा रहा है तो शायद इसमें बेहतर सुधार देखने को मिले…

वहीं बताया जा रहा है कि स्काईवॉक की पुरानी ठेका एजेंसी का अनुबंध पहले ही निरस्त हो चुका है… इस बीच pwd ने टेंडर प्रक्रिया फिर से शुरू की है… निर्धारित तिथि तक पहले टेंडर में किसी भी निविदाकार ने भाग नहीं लिया. इसके बाद दोबारा निविदा बुलाई गई. उसमें भी कोई निविदाकार सामने नहीं आया. तीसरे टेंडर में कुछ निविदाकारों ने रुचि दिखाई, लेकिन वे सभी अपात्र हो गए. लेकिन कहा जा रहा है कि इस बार चौथी निविदा की प्रक्रिया अब पूरी पूरी होने जा रही है.

रमन सिंह के कार्यकाल में शुरू हुआ था काम

बता दें कि रायपुर के स्काई वॉक का काम साल 2016-17 रमन सिंह सरकार के वक्त शुरू किया गया था… इस दौरान राजेश मूणत पीडब्ल्यूडी मंत्री थे… तब तत्कालीन रमन सिंह सराकर ने रायपुर शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को और बेहतर करने, शास्त्री चौक से मेकाहारा अस्पताल तक राहगीरों को पैदल चलने की विकल्प के तौर पर इसका निर्माण शुरु करवाया था… इसके बाद कांग्रेस सराकर में आई और स्काई वॉक के निर्माण पर रोक लगा दी गया… जिस पर काफी राजनिती भी हुई.. पक्ष- विपक्ष लगातार इसे लेकर एक- दुसरे को आड़े हाथों में लेते रहे…

निर्माण कार्य में करोड़ों रुपए खर्च

वहीं प्रदेश में कांग्रेस की सरकार जाने के बाद इस बात की चर्चा शुरू हो गई थी कि रमन सिंह के समय में शुरू हुआ रायपुर शहर का स्काईवॉक फिर से बनाया जाएगा. इस पर चर्चा खूब होती रही लेकिन काम को लेकर के अंतिम मुहर नहीं लग पाई थी.. जिसके बाद जुलाई 2024 में मुख्यमंत्री की बैठक में ये तय किया गया कि 7 महीने बाद बीजेपी सरकार एक बार फिर से अपनी पुरानी सरकार द्वारा बनाए गए इस परियोजना को पूरा करने के लिए काम शुरू करवाएगी… जो अब शुरू होने वाला है… और दस्तावेज सही होने पर सबसे कम कीमत पर काम पूरा करने का जिम्मा लेने वाली कंपनी को वर्कऑर्डर जारी किया जाएगा… वहीं बताया जा रहा है कि अब तक स्काई वॉक  के निर्माण में 55 करोड़ रुपए से भी ज्यादा की राशि खर्च हो चुकी है…

क्या होगा फायदा

अब बात करें कि इसका निर्माण पुरा होने से क्या फायदा होगा… तो करीब डेढ़ किमी लंबे स्काईवॉक में चढ़ने उतरने के लिए 12 जगहों पर एस्केलेटर लगाए जाएंगे.. इसके साथ ही सीढ़ियां भी रहेंगी.. डीकेएस परिसर और अंबेडकर अस्पताल के गेट के पास लिफ्ट लगाई जाएगी, ताकि मरीज और उनके परिजन एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक पहुंचने के लिए,  रोड के ट्रैफिक की झंझट से बचकर सीधे अस्पताल पहुंच सकें… साथ ही गंभीर मरीजों को लाने ले जाने में भी स्काईवॉक का उपयोग किया जाना है..  इसका एक हिस्सा डीकेएस अस्पताल परिसर में है। इसी हिस्से में सीढ़ी और एस्केलेटर के पास लिफ्ट रहेगी…

 

क्या हो सकता हो नुकसान

वहीं इसे लेकर कुछ राहगीरों का कहना है कि इसके बनने से काफी फायदा मिलेगा, पैदल चलने वालों के लिए यह काफी अच्छा होगा. पैदल चलने वाले एक्सीडेंट का शिकार हो जाते हैं. स्काईवॉक बनने से वो बच सकेंगे. मेकाहारा चौक से डीकेएस, तहसील ऑफिस और घड़ी चौक आने जाने वालों के लिए स्काईवॉक काफी फायदेमंद साबित होगा.., लेकिन कुछ लोगों कहना है कि इसका कोई खास उपयोग नहीं है… क्योंकि पैदल चलने वाले इतना ऊपर नहीं चढ़ेंगे… जिसको पैदल चलना है वो नीचे ही नीचे अपने मंजिल तक पहुंच जाएगा… वो इतना ऊपर चढ़कर घूमने के लिए नहीं जाएगा. इसलिए स्काईवॉक बनाने का कोई औचित्य नहीं है…  वहीं कुछ लोग इस पर चिंता भी जताते हैं कि स्काईवॉक बना देना ही पर्याप्त नहीं होगा…उसकी सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम होने चाहिए, ऐसा ना हो कि कुछ समय के बाद वहां नशेड़ियों का जमावड़ा हो… जिससे महिलाओं के आने-जाने में परेशानी होगी…

Show More
Follow Us on Our Social Media
Back to top button
जम्मू-कश्मीर में बारिश से अपडेट सोनम ने ही राजा को दिया था खाई में धक्का… आरोपियों ने बताई सच्चाई
जम्मू-कश्मीर में बारिश से अपडेट सोनम ने ही राजा को दिया था खाई में धक्का… आरोपियों ने बताई सच्चाई