Municipal Council: पेंड्रा नगर पालिका परिषद में शपथ ग्रहण समारोह में हुआ ड्रामा

पेंड्रा, छत्तीसगढ़ –
Municipal Council: कांग्रेस संगठन में गुटीय राजनीति अब इतना गहरा हो चुका है कि संगठन के भीतर एक दूसरे को नीचा दिखाने का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस बार यह नजारा पेंड्रा नगर पालिका परिषद के शपथ ग्रहण समारोह में देखने को मिला, जहां कांग्रेस के भीतर की खींचतान ने एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया।
रविवार को नगर पालिका परिषद के शपथ ग्रहण समारोह में पूर्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल की मौजूदगी में कार्यक्रम आयोजित होना था, लेकिन कांग्रेसियों के गुटीय संघर्ष के कारण इस कार्यक्रम में केवल भाजपा, निर्दलीय, और कांग्रेस के कुछ चुने हुए पार्षदों ने शपथ नहीं ली। इस नाटकीय घटनाक्रम में केवल राकेश जालान और उनके एक सहयोगी पार्षद ने ही शपथ ग्रहण की।
कांग्रेस में जारी गुटीय संघर्ष
इस घटना के पीछे की वजह कांग्रेस के दो नेताओं अटल श्रीवास्तव और विजय केसरवानी के बीच चल रहे गहरे विवाद को माना जा रहा है। नगर पालिका परिषद के चुनाव से पहले कांग्रेस छोड़कर निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले राकेश जालान की जीत ने नया मोड़ लिया। चुनाव जीतने के बाद जब उन्हें वापस कांग्रेस में शामिल किया गया, तो कांग्रेस के अन्य चुने हुए पार्षदों में इस फैसले को लेकर नाराजगी थी।
भा.ज.पा और निर्दलीय का बहिष्कार
राकेश जालान के कांग्रेस में वापस लौटने की वजह से कांग्रेस के पार्षदों में नाराजगी और गुस्सा और बढ़ गया। इतना ही नहीं, भाजपा और निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी शपथ ग्रहण समारोह का बहिष्कार किया। भाजपा के पार्षद कार्यक्रम स्थल पर नहीं पहुंचे और सीधे बिलासपुर में जाकर अमर अग्रवाल से मुलाकात की। वहीं, 15 वार्ड में से सिर्फ एक पार्षद ने शपथ लिया, बाकी 14 पार्षदों ने इस समारोह से दूरी बना ली।
कांग्रेस के भीतर जारी गुटीय राजनीति का असर
इस घटनाक्रम ने साबित कर दिया कि कांग्रेस में अंदरूनी गुटीय राजनीति अब संगठन के लिए एक बड़ा संकट बन चुकी है। जहां एक ओर पार्टी को मजबूत करने के बजाय कांग्रेस के अंदर ही संघर्ष बढ़ता जा रहा है, वहीं दूसरी ओर भाजपा और निर्दलीय इस खींचतान का फायदा उठाने में लगे हैं।





