Ramayan : तीन दिवसीय रामायण मानस गान प्रतियोगिता, भक्ति और संगीत की त्रिवेणी से राममय हुआ वातावरण

बिलासपुर
Ramayan : बिल्हा के शनिचरी बाजार चौक में आयोजित तीन दिवसीय रामायण मानस गान प्रतियोगिता में भक्ति, श्रद्धा और संगीत की त्रिवेणी बह रही है। प्रदेश भर से आई रामायण मानस मंडलियां अपनी सुमधुर प्रस्तुति से माहौल को राममय बना रही हैं। इस आयोजन का उद्देश्य न केवल सांस्कृतिक धरोहर को संजोना है, बल्कि श्रीराम के जीवन और उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाना भी है।
बिल्हा नगर पंचायत द्वारा हर वर्ष की भांति इस साल भी सातवें वर्ष में तीन दिवसीय रामायण मानस गान प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। 28 फरवरी से 2 मार्च तक चलने वाले इस आयोजन में प्रदेश भर की मानस मंडलियों ने श्रीराम के अलग-अलग प्रसंगों को भजन के जरिए प्रस्तुत किया। इस प्रतियोगिता में शास्त्रीय संगीत, लोकगीत और फिल्म संगीत श्रेणियों में मंडलियों ने हिस्सा लिया।
प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार 10,000 रुपये, द्वितीय पुरस्कार 5,000 रुपये और तृतीय पुरस्कार 3,000 रुपये रखा गया है। हर प्रतिभागी मंडली को 501 रुपये की प्रोत्साहन राशि और सांत्वना पुरस्कार भी दिया जा रहा है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कृष्ण कुमार कौशिक ने कहा कि रामायण मानस मंडलियां छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत की पहचान हैं। नगर पंचायत अध्यक्ष वंदना जेन्ड्रे ने भी इस आयोजन को सराहा और कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्श और जीवन मूल्य मानस मंडलियों के माध्यम से जन-जन तक पहुंच रहे हैं।
प्रतियोगिता में भाग ले रही मंडलियों ने राम जन्म, सीता स्वयंवर, राम वन गमन और लंका विजय जैसे प्रसंगों को संगीत के माध्यम से बेहद सुंदरता के साथ प्रस्तुत किया। आयोजकों ने इसे छत्तीसगढ़ी संस्कृति को संजोने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास बताया है।





