कौन है बस्तर राजा की शाही रानी, जिसकी शादी की हो रही चर्चा

रायपुर : 107 साल बाद बस्तर राजमहल में गूँजी शहनाइयाँ…छत्तीसगढ़ के बस्तर राजघराने में 107 साल बाद किसी पदासीन राजा की शादी हुई है.. बस्तर रियासत के महाराज कमलचंद भंजदेव की बारात यहां निकाली गई.. धुमाधाम से राजा साहब की बारात निकाली गई… और शुक्रवार को राजा साहब, अपनी रानी को लेकर, करीब 200 बारातियों के साथ वापस जगदलपुर पहुंचे… इस दौरान एयरपोर्ट पर ही उनका भव्य स्वागत किया गया… फिर पुरे शहर में शाही बारात निकाली गई… और नई रानी को देखने शहर में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी… और रानी साहिबा के स्वागत हाथी, घोड़े, और शाही बाराती सड़कों पर उतरे.. और पारंपरिक नृत्य के साथ रानी का स्वागत किया गया..

देश भर से आशीर्वाद देने पहुंचे लोग

वहीं राजा कमलचंद भंजदेव के शादी रिसेप्शन में शनिवार के देश-प्रदेश की कई हस्तियां शामिल हुईं। शुक्रवार को राजा कमलचंद अपनी रानी के साथ जगदलपुर लौटे थे। शाम करीब 7 बजे दंतेश्वरी एयरपोर्ट के पास डीआरडीओ रेस्ट हाउस तक उनकी शादी का जुलूस निकाला… इस शाही जुलूस में सजे-धजे हाथी, घोड़े और ऊंट नजर आए… दंतेश्वरी मंदिर में मां के दर्शन के बाद नवविवाहित जोड़ा राजमहल पहुंचा.. जिसके बाद शनिवार को जगदलपुर राजभवन में आशीर्वाद समारोह को आयोजन किया गया… जिसमें प्रदेश के सीएम विष्णुदेव साय समेत देश भर की कई नामी हस्तियां शामिल हुईं… सीएम के साथ विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह जी एवं क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल भी मौजूद थे। सीएम साय ने महाराज कमलचंद्र भंजदेव जी में सम्मिलित होकर वर-वधू को मंगलमय जीवन की शुभकामनाएं दी…

लेकिन इन से सबसे दिलचस्प बात यह है कि इस ऐतिहासिक विवाह की मुख्य नायिका कौन हैं? हम बात कर रहे हैं बस्तर के राजा कमलचंद्र भंजदेव की पत्नी, महाराजकुमारी भुवनेश्वरी कुमारी की, जिनका यह विवाह सिर्फ एक पारिवारिक आयोजन नहीं, बल्कि इतिहास में दर्ज होने वाली घटना बन गया। तो चलिए, जानते हैं इस शाही रानी की कहानी!

महाराजकुमारी भुवनेश्वरी कुमारी का जन्म एक प्रतिष्ठित राजघराने में हुआ। वे मध्य प्रदेश के किला नागौद के महाराजा शिवेंद्र प्रताप सिंह की बेटी हैं। नागौद रियासत का इतिहास भी गौरवशाली रहा है, और इस परिवार की शाही परंपराएँ भारत की समृद्ध संस्कृति का हिस्सा रही हैं।

इतना ही नहीं, भुवनेश्वरी कुमारी को बचपन से ही राजसी परंपराओं की समझ थी, लेकिन उनके विचार आधुनिक हैं। उन्होंने अपनी शिक्षा लंदन से पूरी की, जिससे वे वैश्विक सोच और आधुनिक दृष्टिकोण रखती हैं।

107 साल बाद बस्तर में शाही विवाह

क्या आप जानते हैं कि बस्तर राजपरिवार में पिछली बार शादी 1918 में हुई थी? जी हाँ! राजा कमलचंद्र भंजदेव और भुवनेश्वरी कुमारी की शादी 107 साल बाद होने वाली पहली राजसी शादी थी, जिसने पूरे छत्तीसगढ़ को गर्व से भर दिया।

इस दौरान बस्तर राजमहल को दुल्हन की तरह सजाया गया था, और इस आयोजन के लिए राजस्थान से खास कैटरिंग और रजवाड़ा शामियाना बुलाया गया। शादी में 100 से अधिक राजघरानों के सदस्य शामिल हुए।

महाराजकुमारी की नई भूमिका

शादी के बाद महाराजकुमारी भुवनेश्वरी कुमारी अब बस्तर की रानी के रूप में अपनी नई भूमिका निभाने जा रही हैं। बस्तर, जो अपनी अनूठी सांस्कृतिक विरासत और आदिवासी परंपराओं के लिए जाना जाता है, वहाँ अब एक नई शुरुआत होने जा रही है।

इस विवाह ने बस्तर की राजकीय परंपराओं को पुनर्जीवित किया है, और अब सभी की निगाहें इस पर टिकी हैं कि भुवनेश्वरी कुमारी अपने नए कर्तव्यों को कैसे निभाती हैं।

सामाजिक और सांस्कृतिक प्रभाव

इस शादी का प्रभाव सिर्फ राजघराने तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे बस्तर क्षेत्र के लिए यह एक नई उम्मीद लेकर आई है। इस विवाह ने बस्तर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को पुनर्जीवित किया है। आदिवासी संस्कृति, लोककला और पारंपरिक संगीत इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहे।

ये थी बस्तर की नई रानी महाराजकुमारी भुवनेश्वरी कुमारी की कहानी। उनकी यह शादी न केवल इतिहास में दर्ज हो चुकी है, बल्कि आने वाले समय में बस्तर के विकास में भी उनका योगदान अहम रहेगा।

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