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Reaction to the Budget: वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने केंद्रीय बजट पर की चर्चा, कांग्रेस ने दिया जवाब, कहा- ओपी चौधरी मोदी की चाटुकारिता मे बजट की झूठी तारीफ कर रहे

Reaction to the Budget (रायपुर) : छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा है कि भारत की जो अर्थ-व्यवस्था है, वह बहुत ही तेजी से बढ़ रही है। आज दुनिया की जितनी मेजर इकॉनॉमी है, उनमें बड़ी तेजी से भारत की अर्थ-व्यवस्था बढ़ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जिस विजन के साथ देश आगे बढ़ रहा है, वह विजन उनके हर बजट में दिखाई पड़ता है। चौधरी ने कहा कि 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का एक स्पष्ट लक्ष्य और उसके लिए एक सुविचारित दृष्टिकोण प्रधानमंत्री मोदी ने देश को दिया है और उसके अनुरूप लगातार काम हो रहे हैं। चौधरी रविवार को एकात्म परिसर स्थित भाजपा कार्यालय में आहूत पत्रकार वार्ता में वर्ष 2025-2026 के लिए प्रस्तुत केंद्र सरकार के बजट प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा कर रहे थे।

प्रदेश के वित्त मंत्री चौधरी अर्थशास्त्री और प्रधानमंत्री मोदी के मुख्य आर्थिक सलाहकार रहे कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यम् की पुस्तक ”इण्डिया एट 100″ का जिक्र करते हुए बताया कि उस पुस्तक में स्वतंत्र भारत के 100 वर्ष पूरे होने के समय सन् 2047 में भारत की अर्थ-व्यवस्था को लेकर विस्तार से प्रकाश डाला गया है। प्रधानमंत्री मोदी का विजन है कि 2047 तक हम भारत को एक विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करेंगे। सुब्रमण्यम् का आँकलन कहता है कि जब मोदी के नेतृत्व में केंद्र की सरकार ने सत्ता सम्हाली तब देश की जो इकॉनॉमी 2.3 ट्रिलियन डॉलर थी, वह आजादी के शताब्दी वर्ष तक बढ़कर 55 ट्रिलियन डॉलर की हो जाएगी।

चौधरी ने कहा कि दुनिया के कई देशों ने यह आर्थिक उपलब्धि हासिल की है, इसलिए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को प्रस्तुत अपने बजट प्रस्ताव में विकसित भारत बनाने की हमारी बुनियाद के लिए 3-डी का जिक्र किया है- डेमोक्रेसी, डेमोग्राफी और डिमाण्ड। चौधरी ने कहा कि डेमोक्रेसी किसी भी देश के आर्थिक विकास को विकसित कर सकती है। पहले हम बढ़ती आबादी को देश की सबसे बड़ी समस्या मानते थे, लेकिन डेमोग्राफी का परसेप्शन आज बदल गया है। आज भारतीय युवाओं का डंका दुनिया में बज रहा है और पूरी दुनिया आज भारत को ह्यूमन रिसोर्स कैपिटल के रूप में देख रही है। भारत की जो डेमोग्राफी है, जिसमें भारत की औसत आयु मात्र 29 वर्ष है। भारत की 65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम आयुवर्ग के युवाओं की है, 50 फीसदी आबादी 25 वर्ष से कम आयुवर्ग के लोगों की है।

यह जो डेमोग्राफी है, वह भारत को पूरी दुनिया में विकसित राष्ट्र बनाने का सबसे महत्वपूर्ण कारक है। इसी तरह डिमाण्ड को भी विकसित भारत के लिए आधारस्तम्भ के रूप में परिभाषित किया है। प्रदेश के वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि जब भारत विकसित राष्ट्र बनेगा तो उसमें समाज के आखिरी छोर पर खड़ा व्यक्ति पीछे न रह जाए, यह भी प्रधानमंत्री मोदी की चिंता है। इसी को उन्होंने गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी (GYAN) के सूत्र के रुप में पिरोया है। छत्तीसगढ़ सरकार के पिछले बजट में भी इस बिन्दु को हमने रखा था। इसलिए इस बिन्दु को केंद्र के बजट में फिर प्रमुखता से रखा गया है ताकि विकसित भारत में गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी का भी सशक्तीकरण हो, समुचित विकास हो और कोई वर्ग पीछे न छूट जाए। एक तरफ विकसित भारत का लक्ष्य है तो दूसरी तरफ यह विकास सर्व समावेशी हो, सर्वस्पर्शी हो, इसे सुनिश्चित करने के लिए इस सूत्र पर काम हो रहा है। इसी विजन की एक कड़ी के रूप में हमें केंद्र सरकार के इस साल के बजट को देखना चाहिए।

चौधरी ने कहा कि जब हम 3-डी की चर्चा कर रहे हैं तो इसमें मध्यमवर्ग की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। यह मध्यमवर्ग देश की अर्थ-व्यवस्था को आगे बढ़ाने में महती कारक है। यह वर्ग सर्वाधिक प्रेरक है, इसमें सबसे अधिक आत्मबल और आत्म प्रेरणा है, और वह देश को आगे बढ़ाने के लिए बहुत बड़ा काम कर रहा है। इसलिए मिडिल क्लास, जो ऑनेस्ट टैक्स पेयर है, को प्रोत्साहित करने का काम प्रधानमंत्री मोदी के इस विजन में किया गया है। यह काम सन् 2014 से किया जा रहा है। 2014 में आयकर पर छूट का स्लैब 2.5 लाख रुपए था, 2019 में छूट का दायरा बढ़ाकर 5 लाख किया, 2023 में इसे 7 लाख रु. किया और अब 2025 में छूट का दायरा बढ़ाकर 12 लाख रुपए किया है। यह वास्तव में अनपेक्षित, अप्रत्याशित प्रस्ताव है। केंद्र सरकार ने एकमुश्त 12 लाख रु. की छूट देकर भारतीय अर्थ-व्यवस्था, करदाता, मध्यमवर्ग, शासकीय कर्मचारियों, छोटे व्यापारियों लिहाज से एक बहुत बड़ा क्रांतिकारी कदम उठाया है।

इसी प्रकार शासकीय कर्मियों के लिए टीडीएस में 75 हजार रु. लाभ भी दिया गया है। प्रदेश के वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि भारत की अर्थ-व्यवस्था कंजम्प्शन, सेविंग्स पर आगे बढ़ती है। इन सबको प्रोत्साहित करने के लिए भारत सरकार काम कर रही है। इन सारे कदमों से विकसित भारत का विजन स्पष्ट दिखता है। इसलिए भारत के इतिहास में इतनी बड़ी आयकर छूट नहीं दी गई है। इससे सीधे 1 लाख करोड़ रुपए का लाभ करदाताओं को होगा। चौधरी ने कहा कि कृषि विकास की दृष्टि से इस बजट में केसीसी पर क्रेडिट की सीमा 3 लाख रु. से बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दी गई है। यह ऋण ब्याजमुक्त होगा। इसी तरह प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना भी इस बजट का महत्वपूर्ण बिन्दु है। आकांक्षी जिलों को चिह्नित कर उन जिलों में हुए कार्यों का जिक्र करते हुए चौधरी ने कहा कि उसी तर्ज पर विभिन्न सूचकांकों की दृष्टि से 100 जिलों का चयन कर वहाँ उत्पादकता व अन्य कमियों को दूर करने का संकल्प इस बजट में व्यक्त किया गया है।

इसका सीधा लाभ छत्तीसगढ़ के हमारे बस्तर व सरगुजा संभाग के 1.70 करोड़ किसानों को मिलने जा रहा है। किसान क्रेडिट कार्ड योजना में 7.70 लाख किसानों को इसका लाभ मिलेगा। कृषि के क्षेत्र में दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता और निर्यात की क्षमता अर्जित करने के लिए उड़द, मसूर और तुअर की शत-प्रतिशत खरीदी की घोषणा भारत सरकार ने की है। इसके लिए एक मिशन लॉन्च किया गया है।चौधरी ने कहा कि इस बजट में एक बहुत बड़ा ऐलान हुआ है। विकसित राष्ट्र की प्रक्रिया में पैदा होने वाले रोजगार के अवसरों आदि की चर्चा करते हुए चौधरी ने कहा कि इस लिहाज से काम कर रहे लगभग 1 करोड़ गीग-वर्कर्स पर भी फोकस किया गया है, जो ऑनलाइन प्लेटफार्म्स से जुड़े हुए युवा हैं। उनकी सुरक्षा, बीमा आदि की चिंता भी की जा रही है। जैसे-जैसे भारत विकसित राष्ट्र बनेगा, इन ई-वर्कर्स की संख्या करोड़ों तक पहुँचेगी, तब इन लोगों की चिंता करना भविष्य के परिप्रेक्ष्य में जरूरी होता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने इसी विजन के साथ इन ई-वर्कर्स को एड्रेस किया है। इनके लिए आयुष्मान भारत योजना का लाभ देने की घोषणा भी बजट में की गई है। प्रदेश के वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि जब हम इकॉनॉमी को प्रगतिशील बनाने की बात करते हैं, सबसे तेज गति से बढ़ती अर्थ-व्यवस्था का दावा करते हैं, तब हमें अपनी आर्थिक प्रगति को सस्टेन करना है, 55 ट्रिलियन डॉलर की सबसे बड़ी अर्थ-व्यवस्था बनाना है, तो उस लिहाज से इसमें कैपिटल उपलब्ध कराना बहुत जरूरी होता है। प्रधानमंत्री मोदी ने सूक्ष्म और लघु उद्योगों में ऋण सीमा 5 करोड़ रु. से बढ़ाकर सीधे 10 करोड़ रुपए कर दी है, ताकि उनको लोन पाने में दिक्कत न हो। स्टार्ट अप्स के लिए लिए भी लोन की सीमा 10 करोड़ रु. से बढ़ाकर 20 करोड़ रुपए कर दी गई है। एमएसएमई निर्यातकों के लिए लोन की सीमा भी 20 करोड़ रुपे तक बढ़ा दी गई है। जो माइक्रो इंटरप्राइज, स्माल इंटरप्राइज और मिडियम इंटरप्राइज को नए सिरे से परिभाषित भी इस बजट में किया गया है।

चौधरी ने पर्यटन क्षेत्र के लिए बजट प्रावधानों की चर्चा कर चौधरी ने कहा कि रोजगार सृजन की दृष्टि से सर्विस सेक्टर का आगे बढ़ाना जरूरी होता है। कोई भी इकॉनॉमी जब बढ़ती है तो जीडीपी से सर्विस सेंटर का कॉन्ट्रीब्यूशन लगातार बढ़ता जाता है। इस दृष्टि से छत्तीसगढ़ की इकॉनॉमी का जिक्र कर श्री चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ की इकॉनॉमी में आज बड़ी समस्या है, वह समस्या सर्विस सेक्टर को ग्रोथ कराने है। राज्य सरकार के पिछले बजट में इसकी चर्चा भी हमने की थी। प्रदेश सरकार पर्यटन के क्षेत्र में रणनीति बनाकर लगातार काम कर रही है। इस लिहाज से विकसित भारत के साथ ही हमने विकसित छत्तीसगढ़ का भी प्लान बनाया है। सर्विस सेक्टर को आगे बढ़ाने पर प्रदेश सरकार का पूरा फोकस है। केंद्र सरकार के बजट प्रस्ताव में पर्यटन क्षेत्र के विस्तार व विकास के लिए महम घोषणाएँ की गई हैं। इसका सीधा लाभ छत्तीसगढ़ में पर्यटन क्षेत्र में हो रहे कामों में भी मिलेगा। मुद्रा लोन के तीन स्तरों के लिए लोन की सीमा भी केंद्र सरकार अब दुगुनी करने जा रही है।

प्रदेश के वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि बजट में श्रमिक शक्ति के नियोजन पर भी फोकस किया गया है। जब हम रोजगार की बात करते हैं, सर्विस सेक्टर अधिकतम रोजगार देने वाला और रोजगार सृजन करने क्षेत्र होता है। स्टील, पॉवर माइनिंग सेक्टर्स में 5 हजार करोड़ रु. के निवेश के बाद भी कुछ सौ-हजार लोगों को ही जॉब मिल पाता है, लेकिन सर्विस सेक्टर में बनने वाले हॉस्पिटल या कोई होटल बनता है तो न्यूनतम निवेश के बावजूद ज्यादा-से-ज्यादा लोगों को रोजगार मिलता है इसी प्रकार लेबर इंसेंटिव मैन्युपैक्चरिंग को फोकस करने पर प्रधानमंत्री श्री मोदी का पहले दिन से ध्यान रहा है। अभी जैसे टेक्सटाइल्स सेक्टर को प्रमोट करने की घोषणा इस बार के बजट में की गई है। अगर टेक्सटाइल्स सेक्टर को हमें आगे बढ़ाना है तो इसके साथ कॉटन के प्रोडक्शन को बढ़ाना होगा। इसलिए मिशन कॉटन प्रोडक्टिविटी को लॉन्च किया गया है।

इससे  मोदी के विजन और उस पर क्रियान्वयन में एकरूपता नजर आती है। श्री चौधरी ने कहा कि मेडिकल टूरिज्म डेस्टिनेशन एक महत्वपूर्ण सर्विस है। आज दूसरे देसों के बहुत सारे लोग भारत में इलाज कराने के लिए आ रहे हैं। इसे प्रमोट करने के लिए हमने छत्तीसगढ़ में भी काफी काम कर रहे हैं। इससे हमारी स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार व विकास होने के साथ ही हमारी अर्थ-व्यवस्था को बल मिलेगा। श्री चौधरी ने कहा कि लेदर व फूटवियर सेक्टर के बारे में भी काफी घोषणाएँ की गई हैं। इसी तरह खिलौनों के क्षेत्र में भी भारत को वैश्विक हब बनाने का संकल्प बजट में व्यक्त किया गया है। प्रदेश के वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि जब हम किसी राष्ट्र को विकासशील से विकसित बनाने की बात कहते हैं तो इनोवेशन और रिसर्च सबसे महत्वपूर्ण बिन्दु होता है और इसके लिए 30 हजार करोड़ रुपए का ऐलान किया गया है। इसमें पब्लिक सेक्टर व निजी निवेश पर जीएसटी से मुक्त करने की बात कही गई है।

चौधरी ने कहा कि आज भारत जब विकसित राष्ट्र बनने की राह पर है तो बहुत-सी चुनौतियाँ भी हमारे सामने है। मोदी शुरू से एमबीबीएस सीटों को बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। इसी प्रकार आईआईटी की सीटों में भी वृद्धि का काम किया जा रहा है। यह भारत को हायर एजुकेशन और ह्यूमन रिसोर्स बनाने के संदर्भ में बहुत महत्वपूर्ण है। बजट प्रस्ताव में की गई घोषणाओं का जिक्र करते हुए श्री चौधरी ने कहा कि 36 जीवनरक्षक ड्रग्स को करमुक्त करने से जरूरतमंदों को काफी राहत मिलेगी। पूंजीगत व्यय को मोदी 2 लाख करोड़ रु. से बढ़ाकर 11 लाख करोड़ रुपए तक ले गए हैं। इसके लिए स्पेशल कैपिटल असिस्टेंस स्कीम शुरू की गई है। इसके लिए 1.5 लाख करोड़ रुपए का प्रावधान बजट में रखा गया है।

इस स्कीम के तहत छत्तीसगढ़ ने किस्तों में 6 हजार करोड़ रुपए भारत सरकार से लिए हैं और आने वाले वर्ष में भी हम यह लोन लेने के लिए प्रयास करेंगे। 1 लाख करोड़ रुपए का शहरों के लिए अर्बन चैलेज फंड स्थापित किया गया है, और पहले ही साल प्रस्तावित बजट में 10 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है। पॉवर सेक्टर रिफॉर्म के लिए केंद्र सरकार ने अलग से प्रावधान की घोषणा की है। इसके अलावा अन्य अनेक लाभकारी योजनाओं के लिए किए गए प्रावधानों की चर्चा करते हुए श्री चौधरी ने कहा कि इतनी लाभकारी योजनाओं के लिए प्रावधान करने के बावजूद केंद्र सरकार ने जो वित्तीय अनुशासन और वित्त प्रबंधन के कौशल का परिचय देने में भारत सरकार पूरी तरह सफल रही है। पत्रकार वार्ता में भाजपा मंत्री विकास महतो, प्रदेश मीडिया प्रभारी अमित चिमनानी, प्रदेश प्रवक्ता संदीप शर्मा, अमित साहू, सोशल मीडिया संयोजक सोमेश पांडे, जिला मीडिया सह प्रभारी वंदना राठौर की उपस्थिति रही।

कांग्रेस ने लगाया भाजपा पर आरोप

वित्त मंत्री ओपी चौधरी की पत्रकार वार्ता का जबाब देते हुए कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा की वित्त मंत्री मोदी की चाटुकारिता मे बजट की झूठी तारीफ कर रहे थे। बजट मे छत्तीसगढ़ की उपेक्षा की गयी है इस बजट मे राज्य के लिए कुछ भी नहीं है डबल इंजिन की सरकार का नारा दे कर भाजपा ने प्रदेश को ठगने का काम किया है।छत्तीसगढ़ की रेल परियोजना से ले कर उद्योग परियोजना सब मे केंद्रीय बजट मे कोई प्रावधान नहीं है। मनरेगा के बजट मे कटौती, क़ृषि मे समर्थन मूल्य की गारंटी नहीं होने से किसान निराश है। विधानसभा चुनाव मे मोदी की गारंटी के नाम पर प्रदेश की जनता से जो वादे किये थे उसे पूरा करने के बजट मे कोई प्रावधान नहीं है यह बजट छत्तीसगढ़ के लोगो को मुंह चिढ़ाने वाला बजट है।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि पीएम कृषि योजना लागू करने की बात की गयी है लेकिन किसानों के उपज की पूरी कीमत मिले इसके लिये एमएसपी को कानूनी गारंटी के लिए कोई प्रावधान नहीं। इसके साथ ही कृषि ऋण माफी पर बजट में कुछ नहीं। पीएम फसल बीमा योजना में सुधार के लिए कुछ नहीं है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि मनरेगा के बजट में कोई बढ़ोत्तरी नहीं, मनरेगा मजदूरी बढ़ाने के बारे में कुछ भी नहीं। मनरेगा के बजट में कटौती कर दिया। रोजगार बढ़ाने के लिए कोई प्रावधान नहीं। युवाओं को रोजगार के नये अवसर कैसे बढ़ेंगे। इस बजट में कुछ भी नहीं बताया है। महिलाओं के लिए बजट में कुछ नहीं। मोदी सरकार की प्राथमिकताओं में जनकल्याणकारी योजनाएं नहीं है, खाद सब्सिडी, खाद्य सब्सिडी, मनरेगा, एमएसपी की गारंटी, स्वामीनाथन कमेटी के अनुसार एमएसपी और सामाजिक सुरक्षा के मद में कोई विशेष प्रावधान नहीं है।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि देश के युवा तो अब रोजगार की उम्मीद भी छोड़ चुके हैं देश की कार्यशक्ति में महिलाओं की भागीदारी लगातार घटती जा रही है किसानों की आय दुगुनी करने की गारंटी दी थी लेकिन किसानों की आमदनी लगातार कम होती जा रही है और कर्ज का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है और लगातार किसानों की आत्महत्या की खबर आ रही है भाजपा की जुमला नीति से महंगाई की मार लगातार बढ़ती जा रही है ना गैस सिलेंडर के दाम कम हुए ना खाद्य पदार्थो के दाम कम करने को लेकर कोई प्रयास इस बजट में नजर आया परिवारों की बचत खाली होती जा रही है अपना घर चलाने के लिए भी लोगो को जद्दोजहद करना पड़ रहा है।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमत 30 से 40 प्रतिशत कम होने के बाद भी देश की आम जनता को 1 रू. की भी राहत पेट्रोल और डीजल में नहीं दी गई, 11 सालों में केंद्र सरकार द्वारा देश की आम जनता से पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज के रूप में 36 लाख करोड़ रुपए की वसूली की गई। 2014 की तुलना में वर्तमान में क्रूड आयल लगभग आधे दाम पर है। पेट्रोलियम उत्पाद पर सेंट्रल एक्साइज में रियायत का कोई प्रावधान इस बजट में नहीं है।

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