INDO-CHINA DISPUTE: विदेश मंत्री जयशंकर बोले, चीन के मूवमेंट पर नजर

मुंबई। भारत चाइना बॉर्डर पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बयान दिया है। मुंबई में 19वीं नानी ए. पालखीवाला मेमोरियल लेक्चर में बोलते हुए, जयशंकर ने कहा कि भारत को चीन की बढ़ती ताकतों के प्रति सतर्क रहना होगा, खासकर उन क्षेत्रों में जो भारत के हितों पर असर डालते हैं।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि
भारत और चीन के रिश्ते विशेष चुनौती का सामना कर रहे हैं, क्योंकि दोनों देश तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत-चीन संबंध 2020 के बाद की सीमा स्थिति से उत्पन्न जटिलताओं से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे हैं।
जयशंकर ने कहा, “भारत के लिए चीन के साथ संतुलन स्थापित करना विशेष चुनौतीपूर्ण है। क्योंकि दोनों देश तेजी से उभर रहे हैं और दोनों के बीच सीमा विवाद और ऐतिहासिक जटिलताएं भी हैं।” भारत-रूस संबंधों पर उन्होंने कहा कि यह रिश्ता स्थिर बना हुआ है और दोनों देशों के बीच गहरी आर्थिक साझेदारी वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए स्थिरता लाती है। जयशंकर ने भारत की वैश्विक स्थिति को “विश्व बंधु” (विश्वसनीय साथी) के रूप में बताया और कहा कि भारत का उद्देश्य मित्रता को बढ़ावा देना और समस्याओं को कम करना है।





