डॉक्टरों ने 50 साल की महिला का किया सफल ओपन हार्ट सर्जरी, स्वास्थ्य मंत्री ने दी शुभकामनाएं

रायपुर। छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े शासकीय अस्पताल डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय के हार्ट सर्जरी विभाग के कुशल डॉक्टरों की टीम ने 50 वर्षीय महिला की सफल ओपन हार्ट सर्जरी कर मरीज को नया जीवन दिया है। हार्ट सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. कृष्णकांत साहू के नेतृत्व में यह सफल ऑपरेशन किया गया। सर्जरी के बाद महिला की हालत ठीक है और वह अभी डॉक्टरों की देखरेख में है। मरीज का वाल्व रिप्लेसमेंट हुआ है।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने राज्य के निवासियों को नए वर्ष के आगमन पर ओपन हार्ट सर्जरी सुविधा की शुरुआत के लिए अस्पताल प्रबंधन को अपनी तरफ से शुभकामनाएं दी हैं। स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने कहा है कि, बहुत ही जल्द यहां बाईपास सर्जरी की शुरुआत भी होगी। महासमुंद निवासी 50 वर्षीय महिला मरीज को लगभग तीन साल से सांस फूलने की शिकायत थी। थोड़ा भी काम करने से हृदय की धड़कन बढ़ जाती थी जिसे हार्ट पल्पिटेशन कहा जाता है। अपनी इन्हीं समस्याओं के साथ महिला अम्बेडकर अस्पताल के एडवांस्ड कार्डियक इंस्टीट्यूट के हार्ट सर्जरी

विभाग में डॉ. कृष्णकांत साहू के पास पहुंची। उन्होंने मरीज की पूरी जांच की। जाँच में पता चला कि हार्ट के वाल्व में सिकुड़न है और एक वाल्व में लीकेज है। हार्ट का वाल्व इतना सिकुड़ गया था कि, इनको डॉक्टर ने 3 साल पहले ही ऑपरेशन की सलाह दी थी मगर ओपन हार्ट सर्जरी का नाम सुनकर मरीज और उसके परिवार के लोग घबरा गए और उस वक्त उन्होंने ओपन हार्ट सर्जरी करवाने से मना कर दिया। फिर उसके बाद समस्या बढ़ती गई और मरीज पुन: एक बार फिर डॉ. कृष्णकांत साहू के पास पहुंची, जहां पर उन्होंने ने महिला को ओपन हार्ट सर्जरी से संबंधित सभी जानकारी दी। उनकी काउंसलिंग की। सर्जरी के बाद स्वास्थ्य में होने वाले सुधार के बारे में विस्तार से बताया।

1 दिन पहले की गई मरीज की ओपन हार्ट सर्जरी

डॉ. कृष्णकांत साहू ने मरीज की स्थिति को ध्यान में रखते हुए अम्बेडकर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर को केस की गंभीरता और ओपन हार्ट सर्जरी की आवश्यकता के बारे में बताया। स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल के निर्देश पर तत्काल कार्डियक एनेस्थेटिस्ट, परफ्यूजनिस्ट और अन्य मानव संसाधन की व्यवस्था की गई। अंततः 26 दिसंबर को मरीज की ओपन हार्ट सर्जरी की गई और मरीज के हृदय में कृत्रिम वाल्व का प्रत्यारोपण किया और एक वाल्व को रिपेयर किया। इस ऑपरेशन को मेडिकल भाषा में माइट्रल वाल्व रिप्लेसमेंट बाय यूजिंग बाईलीफलेट मैटेलिक प्रोस्थेटिक वाल्व प्लस ट्राईकस्पिड वाल्व रिपेयर अंडर हार्टलंग मशीन कहा जाता है। डॉ. कृष्णकांत साहू ने मरीज की वर्तमान हालत के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि, मरीज ने आज सुबह का नास्ता, दोपहर का लंच और रात का खाना अपने हाथों से खाया। मरीज की हालत में लगातार सुधार है। मरीज का ऑपरेशन करने वाली टीम में हार्ट सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. कृष्णकांत साहू, कार्डियक एनेस्थेटिस्ट डॉ. वरुण, परफ्यूजनिस्ट राहुल और डिगेश्वर तथा नर्सिंग स्टाफ में राजेंद्र, नरेंद्र एवं चोवा राम शामिल रहे।

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