सामुदायिक भवन में भंडारित 570 बोरा संदिग्ध धान जब्त..

जशपुरनगरः जशपुर जिले के ओडिशा और झारखंड की अंतरराज्यीय सीमा पर स्थित दुलदुला ब्लाक में जिला प्रशासन ने सामुदायिक भवनों में अवैध रूप से भंडारित 570 बोरा धान जब्त किया है। 14 नवंबर से समर्थन मूल्य में किसानों से धान खरीदी प्रक्रिया शुरू होने से पहले बिचौलिये अवैध धान का भंडारण करने में जुटे हुए है। इस मामले में जिला प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रही है।

एक सप्ताह के दौरान जिले में संदिग्ध धान जब्त होने का यह दूसरा मामला है। इससे पहले कुनकुरी में संदिग्ध धान से भरा ट्रक जब्त किया गया था। दुलदुला के तहसीलदार ओमकार बघेल ने बताया कि सूचना मिली थी कि दुलदुला ब्लाक के ठूठीअंबा और झंगरीबहार में भारी मात्रा में धान का भंडारण किया गया है। सूचना पर कार्रवाई करते हुए तत्काल ठूठीअंबा में 373 बोरा और 195 बोरा धान को जब्त कर लिया गया है। उन्होनें बताया कि इस मामले में आगे की कार्रवाई के लिए रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि जिले में इस बार 42 धान खरीदी केंद्रों में 4900 पंजीकृत किसानों से धान खरीदी करने की तैयारी को अंतिम रूप देने में प्रशासन जुटा है। इन दिनों धान खरीदी केंद्रों की साफ सफाई और बुनियादी सुविधाएं जुटाने का काम तेजी से चल रहा है। हालांकि सहकारी समितियों के कर्मचारियों की हड़ताल से तैयारी प्रभावित हो रही है। इस समय केंद्रों में कंप्यूटर आपरेटर के अलावा कोई भी जिम्मेदार कर्मचारी की उपस्थिति देखने में नहीं मिल रही है।

खरीदी के दौरान होती है नाकाबंदी
समर्थन मूल्य में धान खरीदी की प्रक्रिया शुरू होने पर अंतरराज्यीय सीमा को पूरी तरह से सील कर दिया जाता है ताकि अवैध धान की आवक ना हो सके। लेकिन बिचौलिये इससे पहले ही झारखंड और ओड़िशा से धान लाकर जमा कर लेते हैं। जानकारों के अनुसार पंजीकृत किसानों के नाम पर धान खपाने का यह काला धंधा बड़े पैमाने पर चलता है। इससे राज्य सरकार को करोड़ो रुपये के राजस्व की हानि होती है।
वहीं किसानों के नाम पर बिचौलिये अपनी तिजोरी भरते हैं। इस काले कारोबार पर नकेल कसने के लिए सरकार ने गिरदावरी प्रक्रिया को आनलाइन करने के साथ मोबाइल और टैबलेट की सहायता से लाइव लोकेशन के साथ गिरदावरी की व्यवस्था की है ताकि धान की फसल पंजीकरण में फर्जीवाड़े को रोका जा सके। इन सबके बावजूद बिचौलियों का खेल जारी है।
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