कैट विरोध: तेलीपारा में चंदा वसूली विवाद पर व्यापारी संगठन नाराज

कैट और चेंबर का ऐलान, विरोध में बंद रखी जाएंगी दुकानें

बिलासपुर के तेलीपारा में चंदा वसूली के नाम पर हुई मारपीट का मामला अब व्यापारी संगठनों तक पहुंच गया है। (कैट विरोध) कैट और चेंबर ऑफ कॉमर्स ने घटना का विरोध करते हुए कहा है कि चंदा स्वेच्छा से लिया जाना चाहिए, दबाव या मारपीट के जरिए नहीं। संगठनों ने जिला प्रशासन से कार्रवाई की मांग करते हुए आने वाले दिनों में एक दिवसीय दुकान बंद और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया है।

विरोध में बंद रखी जाएंगी दुकानें (कैट विरोध)

बिलासपुर में तेलीपारा में चंदा वसूली के नाम पर हुई मारपीट का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। घटना के विरोध में कैट और चेंबर ऑफ कॉमर्स ने नाराजगी जताते हुए इसे व्यापारियों की सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा मुद्दा बताया है। प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों ने कहा कि धार्मिक और सामाजिक आयोजनों के लिए व्यापारी अपनी इच्छा से चंदा देते हैं, लेकिन दबाव बनाकर या कथित तौर पर गुंडागर्दी के जरिए चंदा वसूलना उचित नहीं है।

व्यापारी संगठनों का कहना है कि कई छोटे दुकानदार सीमित आमदनी में अपना कारोबार चलाते हैं। ऐसे में उनकी क्षमता से अधिक चंदे की मांग करना उनके लिए परेशानी का कारण बनता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि कोई व्यापारी प्रतिदिन करीब 200 रुपये कमाता है और उससे 500 रुपये चंदे की मांग की जाती है, तो यह व्यवहार उचित नहीं कहा जा सकता। इसी तरह की कथित वसूली का विरोध करने पर व्यापारी के साथ मारपीट की घटना सामने आई, जिसे लेकर अब व्यापारिक संगठनों ने कड़ा रुख अपनाया है।

कैट और चेंबर ऑफ कॉमर्स ने कहा कि तेलीपारा में हुई घटना केवल एक व्यापारी का मामला नहीं है, बल्कि शहर के व्यापारिक माहौल और दुकानदारों की सुरक्षा से जुड़ा विषय है। संगठनों ने जिला प्रशासन से मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है।

व्यापारी संगठनों ने निर्णय लिया है कि आने वाले दिनों में अवैध चंदा वसूली के विरोध में एक दिवसीय दुकान बंद का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की जाएगी। संगठनों का कहना है कि चंदा स्वेच्छा से लिया जाना चाहिए और किसी भी व्यापारी पर दबाव या मारपीट की स्थिति बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।

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