शव को बनाया बंधक : निजी अस्पताल की अमानवीयता, इलाज का बिल चुकाने के 3 दिन तक आदिवासी महिला के शव को बनाया बंधक….
तोरवा के हरिओम मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल का मामला, एक्सीडेंट में मृत आदिवासी महिला का शव देने से इनकार

बिलासपुर के तोरवा स्थित हरिओम मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल (शव को बनाया बंधक) की एक बेहद संवेदनहीन और अमानवीय तस्वीर सामने आई है, जहां सड़क हादसे में जान गंवाने वाली कोरिया जिले की आदिवासी महिला तिलसिया बाई गोंड के शव को अस्पताल प्रबंधन ने तीन दिनों से बंधक बना रखा है।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल (शव को बनाया बंधक)
मृतका को 25 जुलाई को एक्सीडेंट के बाद गंभीर हालत में इलाज के लिए इस निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान 28 जुलाई को उसकी मौत हो गई। आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन बिल की बकाया रकम चुकाने का दबाव बनाते हुए लगातार परिजनों को शव सौंपने से इनकार कर रहा है, जिसके कारण गरीब परिवार पिछले तीन दिनों से अस्पताल के चक्कर काटने और अपनों की लाश पाने के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है





