मानसून की रफ्तार धीमी, प्रदेश में 69 फीसदी कम बारिश; पांच दिन अंधड़ और बारिश का अलर्ट

छत्तीसगढ़ में मानसून की दस्तक के बावजूद बारिश का सिलसिला अपेक्षा के अनुरूप नहीं चल पाया है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 1 जून से अब तक प्रदेश में सामान्य से करीब 69 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। हालांकि आने वाले पांच दिनों के लिए कई जिलों में तेज बारिश, गरज-चमक और अंधड़ की संभावना जताई गई है।
अगले पांच दिनों तक मौसम रहेगा सक्रिय
मौसम विभाग ने प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मध्यम से तेज बारिश के साथ बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। मानसून के दंतेवाड़ा क्षेत्र से प्रवेश करने के बाद मौसम प्रणाली मजबूत हुई है और कई क्षेत्रों में बादलों की सक्रियता बढ़ी है। मध्य छत्तीसगढ़ में अगले दो दिनों तक तापमान सामान्य से 2 से 3 डिग्री सेल्सियस अधिक रहने की संभावना भी जताई गई है।
कई जिलों में बारिश का बड़ा घाटा
प्रदेश के अधिकांश जिलों में सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई है। रायपुर, दुर्ग, धमतरी, महासमुंद और बलौदाबाजार जैसे जिलों में वर्षा का आंकड़ा सामान्य से काफी नीचे बना हुआ है। वहीं राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-चौकी, सक्ती और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जैसे जिलों में 80 प्रतिशत से अधिक बारिश की कमी दर्ज की गई है। बस्तर संभाग में स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है, लेकिन वहां भी सामान्य से कम वर्षा हुई है।
खरीफ फसलों के लिए अहम साबित होंगे अगले दिन
बारिश की कमी के कारण कई क्षेत्रों में खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। किसानों को खेतों में पर्याप्त नमी मिलने का इंतजार है। मौसम विभाग का मानना है कि जून के अंतिम सप्ताह में यदि व्यापक और अच्छी बारिश होती है तो वर्षा घाटे में तेजी से कमी आ सकती है। कृषि गतिविधियों और जल भंडारण की दृष्टि से आने वाले 10 दिन प्रदेश के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।





