कांग्रेस का चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन तेज: मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने पर धरने पर बैठे भूपेश बघेल

मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद कांग्रेस ने चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस मुद्दे को लेकर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिल्ली में चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे।
भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि नामांकन रद्द करने की प्रक्रिया में उचित अवसर नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि रिटर्निंग ऑफिसर ने शाम 5:30 बजे सुनवाई का समय निर्धारित किया था, लेकिन उसी दौरान कार्यालय बंद हो गया। ऐसे में कांग्रेस के पास अपना पक्ष रखने और आवेदन प्रस्तुत करने का पर्याप्त अवसर नहीं था।
चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर देर रात तक चला विरोध
दिल्ली स्थित चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर कांग्रेस नेताओं ने देर रात तक धरना दिया। इस दौरान वरिष्ठ नेता सचिन पायलट, के.सी. वेणुगोपाल और जयराम रमेश भी मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि आयोग का कार्यालय बंद होने के कारण उन्हें अपनी आपत्ति दर्ज कराने में परेशानी हुई।
भूपेश बघेल ने बताया कि धरने के बाद आयोग के एक कर्मचारी ने उनका आवेदन स्वीकार किया। उनका कहना है कि आवेदन जमा होने के बाद ही न्यायिक प्रक्रिया का रास्ता खुल सकेगा और पार्टी अदालत का दरवाजा खटखटा पाएगी।
नामांकन रद्द होने पर सियासी विवाद गहराया
मध्य प्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा खारिज कर दिया गया। भाजपा की ओर से आपत्ति दर्ज कराई गई थी कि नामांकन पत्र में हैदराबाद की एक अदालत में लंबित मामले की जानकारी नहीं दी गई।
रिटर्निंग ऑफिसर ने इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा था। जवाब से संतुष्ट नहीं होने पर नामांकन निरस्त कर दिया गया। कांग्रेस ने इस फैसले को राजनीतिक दबाव का परिणाम बताते हुए इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ करार दिया है।
कांग्रेस ने कोर्ट जाने के दिए संकेत
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जिस मामले को आधार बनाकर नामांकन रद्द किया गया, वह आपराधिक प्रकृति का नहीं है और न ही संबंधित अदालत ने उस पर संज्ञान लिया है। पार्टी ने निर्णय को चुनौती देने के लिए न्यायालय जाने की तैयारी शुरू कर दी है।
नामांकन खारिज होने के बाद अब राज्यसभा चुनाव में केवल तीन उम्मीदवार मैदान में बचे हैं और तीनों भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी हैं। इसके साथ ही संबंधित सीटों पर भाजपा उम्मीदवारों के निर्विरोध निर्वाचित होने की संभावना बढ़ गई है।





