हिमाचल हादसे के बाद गांव में पसरा मातम, एक साथ उठीं परिवार की चार अर्थियां

हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में हुए दर्दनाक सड़क हादसे के बाद छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के एक गांव में मातम का माहौल छा गया। हादसे में जान गंवाने वाले एक ही परिवार के चार सदस्यों के शव जब गांव पहुंचे तो अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़ पड़े। इसके बाद चारों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया।
बताया गया कि हादसे में आईटी इंजीनियर अरविंद चंद्राकर, उनकी पत्नी और दो बेटों की मौत हो गई। परिवार छुट्टियां बिताने और बच्चों की प्रतियोगिता के सिलसिले में यात्रा पर गया हुआ था।
परिवार संग घूमने निकले थे, हादसे का शिकार हुए
अरविंद चंद्राकर अपने परिवार के साथ बेंगलुरु में रहते थे और एक निजी आईटी कंपनी में कार्यरत थे। बच्चों ने हाल ही में एक अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। प्रतियोगिता समाप्त होने के बाद परिवार हिमाचल प्रदेश के पर्यटन स्थलों की सैर पर निकला था।
यात्रा के दौरान उनका वाहन पहाड़ी मार्ग पर अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गया। हादसा इतना भीषण था कि वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार सभी लोगों की मौत हो गई।
जीपीएस से मिली जानकारी, शुरू हुआ राहत अभियान
देर रात तक वाहन के गंतव्य तक नहीं पहुंचने पर उसकी लोकेशन की जांच की गई। जीपीएस के माध्यम से वाहन की अंतिम स्थिति का पता चलने के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस को सूचना दी गई।
दुर्गम क्षेत्र और खराब मौसम के कारण बचाव अभियान में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। गहरी खाई और पथरीले रास्तों के बीच राहत दल ने स्थानीय लोगों की मदद से अभियान चलाया और कई घंटों की मशक्कत के बाद शवों को बाहर निकाला गया।
गांव में उमड़ा जनसैलाब, नम आंखों से दी विदाई
मृतकों के शव जब उनके गृहग्राम पहुंचे तो पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों और ग्रामीणों की आंखें नम थीं। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए और सभी ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
एक ही परिवार के चार सदस्यों की एक साथ अंतिम यात्रा निकलने से गांव का माहौल गमगीन हो गया। अंतिम संस्कार के दौरान मौजूद लोगों ने इसे क्षेत्र की सबसे दर्दनाक घटनाओं में से एक बताया।





