1 यूनिट ब्लड नहीं मिलने से युवती की मौत का आरोप, परिजनों ने अस्पताल पर लापरवाही का लगाया आरोप

दुर्ग जिला अस्पताल में इलाज के दौरान 20 वर्षीय युवती की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि समय पर खून नहीं मिलने के कारण उसकी जान चली गई। परिवार का कहना है कि युवती की मां अस्पताल में ब्लड के लिए लगातार गुहार लगाती रही, लेकिन मदद नहीं मिली। घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं।
सिकल सेल एनीमिया से पीड़ित थी युवती
जानकारी के अनुसार, मरोदा भिलाई निवासी दीपिका गाड़ा पिछले कई दिनों से बीमार थी। उसे शरीर में दर्द और कमजोरी की शिकायत थी। तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर शनिवार रात उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जांच के दौरान डॉक्टरों ने बताया कि उसके शरीर में खून की मात्रा काफी कम है और तत्काल ब्लड चढ़ाने की जरूरत है।
डॉक्टरों के मुताबिक, युवती सिकल सेल एनीमिया से पीड़ित थी। उसका ब्लड ग्रुप ओ पॉजिटिव था और हीमोग्लोबिन स्तर करीब 5 ग्राम था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल की ओर से तीन यूनिट ब्लड की व्यवस्था करने के लिए कहा गया था, लेकिन आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे तुरंत डोनर की व्यवस्था नहीं कर सके।
परिजनों का आरोप- मदद की गुहार के बावजूद नहीं मिला खून
परिवार का कहना है कि उन्होंने अस्पताल स्टाफ और ब्लड बैंक से कम से कम एक यूनिट ब्लड देने की मांग की थी, ताकि इलाज शुरू हो सके। युवती की मां ने कई बार अस्पताल कर्मियों से अनुरोध किया, लेकिन उन्हें खून उपलब्ध नहीं कराया गया। सोमवार शाम इलाज के दौरान दीपिका की मौत हो गई।
घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताई और मामले की जांच की मांग करते हुए सिविल सर्जन को आवेदन सौंपा। युवती की मौत के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
सिविल सर्जन बोले- जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति
सिविल सर्जन डॉ. आशीषन मिंज ने कहा कि युवती की मौत केवल खून की कमी से हुई है, यह कहना अभी जल्दबाजी होगी। उन्होंने बताया कि ICU के डॉक्टरों ने एस्पिरेशन की आशंका भी जताई है, जिसमें कोई पदार्थ सांस की नली के जरिए फेफड़ों में पहुंच जाता है और सांस लेने में दिक्कत होने लगती है।
उन्होंने माना कि आपात स्थिति में एक-दो यूनिट ब्लड उपलब्ध कराया जा सकता था। साथ ही कहा कि यदि मामला उनके संज्ञान में लाया जाता, तो ब्लड की व्यवस्था करने की कोशिश की जाती। फिलहाल मामले की जांच शुरू कर दी गई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।





