भाजपा विधायक दीपेश साहू आज करेंगे सामूहिक विवाह, BPL परिवार की तरुणा संग लेंगे सात फेरे

छत्तीसगढ़ के बेमेतरा से भाजपा विधायक दीपेश साहू आज मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में शादी करेंगे। शिक्षक से राजनीति में आए दीपेश साहू BPL परिवार से ताल्लुक रखने वाली तरुणा साहू के साथ सात फेरे लेंगे। विधायक ने योजना के तहत मिलने वाली राशि को मेधावी छात्राओं की पढ़ाई पर खर्च करने की बात कही है। वहीं, इस शादी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है।
सामूहिक विवाह में एक मंच पर होंगे सात फेरे
महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत बेमेतरा में सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया है। इस कार्यक्रम में कुल 21 जोड़े विवाह बंधन में बंधेंगे, जिनमें विधायक दीपेश साहू और तरुणा साहू भी शामिल हैं।
दीपेश साहू की बारात बैलगाड़ी से निकलेगी। आयोजन समिति के अनुसार, ग्रामीण परंपरा और स्थानीय संस्कृति को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था की गई है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय समेत कई मंत्री, विधायक और जनप्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है।
टीचर से विधायक बने दीपेश, MA पास हैं तरुणा
दीपेश साहू करीब 10 वर्षों तक सरकारी स्कूल में शिक्षक रहे। इसके बाद उन्होंने नौकरी छोड़ राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई। भाजपा में शामिल होने के बाद उन्होंने संगठन में कई जिम्मेदारियां संभालीं और वर्तमान में बेमेतरा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
वहीं, दुल्हन तरुणा साहू दुर्ग जिले की धमधा तहसील के बिरोदा गांव की रहने वाली हैं। उन्होंने MA तक शिक्षा प्राप्त की है। उनके पिता देवनारायण साहू ड्राइवर हैं, जबकि माता मालती साहू गृहिणी हैं। परिवार वर्तमान में बेमेतरा में निवास करता है।
शादी को लेकर शुरू हुई राजनीतिक बहस
विधायक की शादी को लेकर कांग्रेस ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की पात्रता पर सवाल उठाए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि यह योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए बनाई गई है, इसलिए यह स्पष्ट होना चाहिए कि किसी विधायक का इस योजना के तहत विवाह करना नियमों के दायरे में आता है या नहीं।
वहीं, विधायक दीपेश साहू ने कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि योजना में पात्रता लड़की के परिवार के आधार पर तय होती है। उन्होंने कहा कि तरुणा साहू BPL परिवार से हैं और इसी आधार पर योजना के तहत रजिस्ट्रेशन कराया गया है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर विधायक के इस फैसले की सराहना की है। उन्होंने इसे सादगी, सामाजिक समरसता और जनभागीदारी का संदेश देने वाला कदम बताया।





