छत्तीसगढ़ के 20 जिलों में हीटवेव का अलर्ट, रायपुर में पारा 45.7 डिग्री पहुंचा

छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और लू का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। मौसम विभाग ने प्रदेश के 20 जिलों में अगले तीन दिनों तक हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। 26 से 28 मई के बीच मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में तेज गर्म हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही कुछ स्थानों पर आंधी और हल्की बारिश के भी आसार हैं।
राजनांदगांव प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 46.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजधानी रायपुर में तापमान 45.7 डिग्री तक पहुंच गया, जिससे लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ा। वहीं अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 24.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
20 जिलों में लू का असर, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार बिलासपुर, रायगढ़, सरंगढ़-बिलाईगढ़, मुंगेली, सक्ती, कोरबा, जांजगीर-चांपा, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद, रायपुर, बलौदाबाजार, दुर्ग, बालोद, बेमेतरा, कबीरधाम, राजनांदगांव, बस्तर, कोंडागांव और कांकेर जिलों में हीटवेव चलने की संभावना है।
नौतपा की शुरुआत के साथ ही प्रदेश में गर्मी का असर और तेज हो गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस दौरान सूर्य की किरणें सीधे धरती पर पड़ने से तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होती है। रायपुर, दुर्ग, महासमुंद और आसपास के क्षेत्रों में दोपहर के समय लू का असर ज्यादा रहने की आशंका जताई गई है।
बिहार से आंध्र प्रदेश तक सक्रिय सिस्टम, बारिश के भी संकेत
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक दक्षिण बिहार और आसपास के क्षेत्रों में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसके साथ उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश तक एक ट्रफ लाइन बनी हुई है, जो झारखंड और ओडिशा से होकर गुजर रही है। इसी सिस्टम के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में मौसम बदल सकता है।
26 से 29 मई के बीच प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। कई जिलों में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने बिजली गिरने की आशंका भी जताई है।
लोगों और किसानों को सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है। अधिक पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और धूप से बचाव करने की अपील की गई है।
कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों के लिए भी एडवाइजरी जारी की है। रबी मक्का, केला और पपीता की फसलों में हल्की सिंचाई करने की सलाह दी गई है ताकि तेज गर्मी से फसलों को नुकसान न पहुंचे। इसके अलावा गेहूं और चना की कटाई जल्द पूरी कर उपज को सुरक्षित स्थान पर रखने की बात कही गई है।





