इंदौर हनीट्रैप केस में छत्तीसगढ़ के DIG का नाम सामने आया, 100 से ज्यादा आपत्तिजनक वीडियो मिलने का दावा

मध्य प्रदेश के इंदौर में सामने आए हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग मामले में अब छत्तीसगढ़ पुलिस के एक डीआईजी रैंक अधिकारी का नाम भी चर्चा में है। जांच एजेंसियों के मुताबिक इस मामले में नेताओं, अफसरों और बड़े कारोबारियों से जुड़े 100 से ज्यादा आपत्तिजनक वीडियो मिले हैं। मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, नए खुलासे सामने आ रहे हैं।
चार राज्यों तक फैला हनीट्रैप नेटवर्क
जांच में सामने आया है कि यह पूरा नेटवर्क मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात और दिल्ली तक फैला हुआ था। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी श्वेता विजय जैन, रेशू चौधरी और अलका दीक्षित लंबे समय से प्रभावशाली लोगों को निशाना बना रहे थे।
बताया जा रहा है कि भोपाल से पूरे नेटवर्क का संचालन किया जाता था, जबकि रेशू चौधरी टारगेट लोगों से संपर्क साधने और उन्हें जाल में फंसाने का काम करती थी। पुलिस को डिजिटल डिवाइस और मोबाइल फोन से बड़ी संख्या में आपत्तिजनक वीडियो मिले हैं।
जांच एजेंसियों का दावा है कि इन वीडियो के जरिए कई रसूखदार लोगों को ब्लैकमेल कर करोड़ों रुपए की वसूली की गई। दिल्ली के एक नेता से करीब 4 करोड़ रुपए वसूलने की साजिश की भी जानकारी सामने आई है।
कारोबारी की शिकायत के बाद खुला मामला
पूरे मामले का खुलासा इंदौर के कारोबारी हितेंद्र उर्फ चिंटू ठाकुर की शिकायत के बाद हुआ। कारोबारी ने आरोप लगाया कि 28 अप्रैल को सुपर कॉरिडोर इलाके में उसके साथ मारपीट की गई और आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने की धमकी देकर रकम मांगी गई।
इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार लोगों में जयदीप, लाखन चौधरी, पत्रकार जितेंद्र पुरोहित और हेड कॉन्स्टेबल विनोद शर्मा का नाम भी शामिल है।
पुलिस अब इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं इस नेटवर्क को किसी प्रशासनिक या राजनीतिक संरक्षण का फायदा तो नहीं मिल रहा था।
छत्तीसगढ़ पुलिस महकमे में बढ़ी हलचल
इंदौर हनीट्रैप मामले में छत्तीसगढ़ के डीआईजी रैंक अधिकारी का नाम सामने आने के बाद पुलिस महकमे में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। हालांकि अब तक संबंधित अधिकारी की आधिकारिक पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।
जांच एजेंसियां वीडियो की सत्यता, आरोपियों के संपर्क और पैसों के लेनदेन की पड़ताल कर रही हैं। वहीं, पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।





