लोन दिलाने के नाम पर बैंक खाते जुटाने वाला गिरोह पकड़ा: साइबर फ्रॉड और क्रिकेट सट्टे में हो रहा था इस्तेमाल, दो आरोपी गिरफ्तार

भिलाई के छावनी इलाके में लोगों को लोन दिलाने का झांसा देकर उनके बैंक खाते, पासबुक और दस्तावेज इकट्ठा करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी इन खातों का इस्तेमाल साइबर फ्रॉड और क्रिकेट सट्टेबाजी जैसी गैरकानूनी गतिविधियों में कर रहे थे।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आकाश जायसवाल और जावेद अख्तर के रूप में हुई है। दोनों भिलाई के कैंप क्षेत्र के रहने वाले हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बैंक दस्तावेज और मोबाइल फोन जब्त किए हैं।
लोन का झांसा देकर जुटाए बैंक खाते
पुलिस को सूचना मिली थी कि छावनी क्षेत्र में कुछ लोग जल्दी लोन दिलाने के नाम पर लोगों से बैंक खाते, पासबुक और जरूरी दस्तावेज जमा करवा रहे हैं। जांच में सामने आया कि इन खातों का उपयोग म्यूल अकाउंट के तौर पर किया जा रहा था।
सूचना के बाद पुलिस ने बैकुण्ठ धाम आंगनबाड़ी केंद्र परिसर में दबिश दी और दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे लोगों को आसान लोन का लालच देकर उनके बैंक खाते और दस्तावेज हासिल करते थे।
साइबर ठगी और सट्टेबाजी में इस्तेमाल
आरोपी बैंक खातों को मोटी रकम लेकर दूसरे लोगों को उपलब्ध कराते थे। पुलिस के अनुसार इन खातों का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त रकम ट्रांसफर करने और ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे के लेनदेन में किया जा रहा था।
जांच के दौरान पुलिस ने कई बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज, पासबुक, एटीएम कार्ड और एक मोबाइल फोन जब्त किया है। अब पुलिस मोबाइल डेटा और बैंक खातों की डिटेल खंगाल रही है, ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके।
कोर्ट में पेश कर भेजा गया जेल
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें कोर्ट में पेश किया, जहां से न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। मामले की जांच जारी है और पुलिस को इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के शामिल होने की आशंका है।





