ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर बोले पीएम मोदी, आतंकवाद के खिलाफ भारत का संकल्प अडिग

ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की सशस्त्र सेनाओं के साहस और पराक्रम को नमन किया। उन्होंने कहा कि एक साल बाद भी भारत आतंकवाद को खत्म करने और उसे बढ़ावा देने वाले तंत्र के खिलाफ अपने संकल्प पर मजबूती से कायम है। इस मौके पर प्रधानमंत्री समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने सोशल मीडिया प्रोफाइल पर ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी तस्वीर भी लगाई।
पीएम मोदी ने सेना के साहस को सराहा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की कड़ी प्रतिक्रिया और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के प्रति देश की अटूट प्रतिबद्धता को दुनिया के सामने रखा। उन्होंने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों ने अदम्य साहस, सटीक रणनीति और दृढ़ संकल्प का परिचय देते हुए पहलगाम हमले के जिम्मेदार आतंकियों को करारा जवाब दिया था।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह ऑपरेशन भारत की सैन्य क्षमता, समन्वित शक्ति और सुरक्षा बलों के बीच बढ़ती एकजुटता का प्रतीक बनकर सामने आया। साथ ही रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़ते कदमों को भी इस अभियान ने मजबूती दी।
गृह मंत्री और रक्षा मंत्री ने भी दी प्रतिक्रिया
गृह मंत्री अमित शाह ने ऑपरेशन सिंदूर को भारत का युगांतरकारी मिशन बताते हुए कहा कि यह अभियान देश के दुश्मनों को भारतीय सेना की मारक क्षमता की याद दिलाता रहेगा। उन्होंने कहा कि इतिहास इस दिन को सेना की सटीक कार्रवाई, खुफिया एजेंसियों की सूचनाओं और मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति के लिए याद रखेगा।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर देश के राष्ट्रीय संकल्प और सैन्य तैयारी का सशक्त प्रतीक है। उन्होंने इसे आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बढ़ती क्षमता और सुरक्षा मजबूती का प्रमाण बताया।
वहीं भाजपा नेताओं ने भी इस अवसर पर सुरक्षाबलों के साहस और राष्ट्र रक्षा के संकल्प को नमन किया।
पहलगाम हमले के बाद शुरू हुआ था अभियान
ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद की गई थी। इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें अधिकतर पर्यटक शामिल थे। इसके जवाब में भारतीय सेना, वायुसेना और अन्य सुरक्षा बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए संयुक्त अभियान चलाया था।
7 से 10 मई 2025 के बीच चलाए गए इस अभियान में कई आतंकी और सैन्य ठिकानों को तबाह किया गया था। सरकार ने इसे आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई बताते हुए देश की सुरक्षा नीति का अहम कदम माना था।





