छत्तीसगढ़ में रजिस्ट्री राहत अटकी—महिलाओं को 50% छूट और 0.60% उपकर खत्म करने का फैसला अभी तक लागू नहीं

छत्तीसगढ़ में संपत्ति रजिस्ट्री को लेकर सरकार के दो बड़े फैसले अब तक जमीन पर नहीं उतर पाए हैं। राज्य कैबिनेट ने रजिस्ट्री पर लगने वाले 0.60 प्रतिशत उपकर को समाप्त करने और महिलाओं को रजिस्ट्री शुल्क में 50 प्रतिशत छूट देने का ऐलान किया था, लेकिन इन फैसलों पर अभी तक अधिसूचना जारी नहीं हो सकी है।

सरकार का मकसद आम लोगों को आर्थिक राहत देना और महिलाओं की संपत्ति में भागीदारी बढ़ाना था, लेकिन फिलहाल जमीनी हकीकत यह है कि पुराने नियमों के तहत ही शुल्क वसूला जा रहा है। यानी लोगों को अभी भी 0.60 प्रतिशत उपकर देना पड़ रहा है और महिला खरीदारों को भी किसी तरह की छूट नहीं मिल रही।

अधिसूचना में देरी पर उठे सवाल
अब बड़ा सवाल यह है कि जब कैबिनेट से मंजूरी मिल चुकी है, तो अधिसूचना जारी करने में देरी क्यों हो रही है। प्रशासनिक स्तर पर इसको लेकर कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा है। अधिकारी भी इस मुद्दे पर खुलकर बोलने से बच रहे हैं।

अधिकारियों की चुप्पी
जिला पंजीयक कुमार भूआर्य ने कहा कि जब तक शासन की ओर से आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं होती, तब तक वे कोई टिप्पणी नहीं कर सकते। वहीं कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने भी इस विषय पर प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया और कहा कि अभी तक कोई आदेश जारी नहीं हुआ है।

आम जनता में नाराजगी
इस देरी से आम लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। खासतौर पर महिला खरीदारों का कहना है कि छूट का लाभ न मिलने से उन्हें 25 से 30 हजार रुपये तक अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है। कई लोगों का कहना है कि जमीन खरीद में देरी का जोखिम नहीं ले सकते, इसलिए मजबूरी में पुराने नियमों के तहत ही रजिस्ट्री करानी पड़ रही है।

सरकार का भरोसा—जल्द मिलेगा लाभ
वहीं राज्य के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही दोनों फैसलों को लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह बजट में घोषित सुधार हैं और इनसे जुड़ी प्रक्रियाएं तेजी से पूरी की जा रही हैं।

ऐसे में अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि सरकार कब तक अधिसूचना जारी कर इन राहतों को वास्तव में जमीन पर उतारती है।

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