छत्तीसगढ़ पावर प्लांट हादसे में बड़ा एक्शन, कंपनी प्रबंधन पर FIR दर्ज

छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में हुए पावर प्लांट हादसे में अब तक 20 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 36 लोग झुलस गए हैं। घायलों में कई मजदूरों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है। मृतकों में अलग-अलग राज्यों के श्रमिक शामिल हैं।
मामले में पुलिस ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए चेयरमैन अनिल अग्रवाल और प्लांट हेड समेत 8 से 10 लोगों पर FIR दर्ज की है। प्रारंभिक जांच में प्लांट प्रबंधन की गंभीर लापरवाही सामने आई है।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, उत्पादन बढ़ाने की जल्दबाजी में बॉयलर पर अत्यधिक दबाव डाला गया। फर्नेस में अधिक मात्रा में फ्यूल जमा होने से प्रेशर तेजी से बढ़ा और पाइप अपनी जगह से हट गया, जिससे विस्फोट हुआ। यह पूरा घटनाक्रम कुछ ही सेकंड में हुआ, जिससे सिस्टम को बंद करने का समय नहीं मिल सका।
जांच में यह भी सामने आया कि मशीनों के रखरखाव और संचालन में लापरवाही बरती गई। इसके अलावा तकनीकी खामियां, जैसे फैन में खराबी और पाइपिंग सिस्टम का फेल होना, हादसे के कारणों में शामिल हैं।
प्रशासन ने मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं, जिसमें हादसे के कारण, जिम्मेदार लोगों और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपायों की जांच की जाएगी। 30 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।
सरकार और कंपनी की ओर से मृतकों और घायलों के लिए मुआवजे की घोषणा की गई है। कंपनी प्रबंधन ने मृतकों के परिजनों को 35 लाख रुपये और नौकरी देने का ऐलान किया है, जबकि घायलों को आर्थिक सहायता दी जाएगी। केंद्र और राज्य सरकार ने भी अलग-अलग मुआवजा घोषित किया है।
हादसे के बाद नेताओं और अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना। वहीं, परिजनों ने मुआवजा बढ़ाने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। श्रम मंत्री ने कहा है कि मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।





