हरिवंश फिर बनेंगे राज्यसभा के उपसभापति, विपक्ष के बहिष्कार के बीच तीसरा कार्यकाल तय

नई दिल्ली। राज्यसभा में उपसभापति पद के लिए हरिवंश का फिर से चुना जाना लगभग तय हो गया है। विपक्ष के बहिष्कार के चलते उनके खिलाफ कोई दूसरा उम्मीदवार मैदान में नहीं है, जिससे उनका सर्वसम्मति से चुना जाना तय माना जा रहा है।
निर्धारित समय सीमा तक कुल पांच प्रस्ताव दाखिल हुए, जिनमें सभी में हरिवंश के नाम का समर्थन किया गया। इनमें जेपी नड्डा, निर्मला सीतारमण समेत कई नेताओं ने प्रस्ताव रखा और समर्थन किया।
सूत्रों के मुताबिक, राज्यसभा में प्रस्ताव पेश होने के बाद इसे ध्वनिमत से पारित किया जाएगा। इसके बाद सभापति द्वारा हरिवंश के उपसभापति चुने जाने की औपचारिक घोषणा की जाएगी।
यह हरिवंश का उपसभापति के रूप में तीसरा कार्यकाल होगा। इससे पहले वे अगस्त 2018 और सितंबर 2020 में भी इस पद पर चुने जा चुके हैं। विपक्ष द्वारा चुनाव का बहिष्कार किए जाने के कारण इस बार उनका रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।





