परिसीमन पर साफ संदेश: दक्षिणी राज्यों की लोकसभा सीटें घटेंगी नहीं, बढ़ेंगी

संसद में परिसीमन और महिला आरक्षण को लेकर चल रही बहस के बीच केंद्रीय गृहमंत्री Amit Shah ने स्पष्ट किया कि दक्षिण भारत के किसी भी राज्य को नुकसान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना जैसे राज्यों में लोकसभा सीटों की संख्या घटने के बजाय बढ़ेगी।

गृह मंत्री ने उदाहरण देते हुए बताया कि तेलंगाना की सीटें 17 से बढ़कर 26, कर्नाटक की 28 से बढ़कर 42 और तमिलनाडु की 39 से बढ़कर 59 हो जाएंगी। इसी तरह अन्य दक्षिणी राज्यों में भी सीटों में वृद्धि प्रस्तावित है। सरकार का कहना है कि परिसीमन के बाद संसद में कुल सीटों की संख्या बढ़ाकर लगभग 850 करने की योजना है।

विपक्ष का तर्क है कि 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन करने से दक्षिणी राज्यों का प्रतिनिधित्व कम हो सकता है और हिंदी भाषी राज्यों का प्रभाव बढ़ सकता है। इस पर सरकार ने जवाब दिया कि सीटों में लगभग 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी से सभी राज्यों को लाभ मिलेगा और किसी के साथ अन्याय नहीं होगा।

गृह मंत्री ने यह भी कहा कि प्रतिशत के हिसाब से राज्यों की हिस्सेदारी लगभग संतुलित रहेगी। उदाहरण के तौर पर कर्नाटक की हिस्सेदारी 5.15 प्रतिशत से 5.14 प्रतिशत के आसपास ही रहेगी, जबकि तमिलनाडु की हिस्सेदारी भी मामूली बढ़ोतरी के साथ संतुलित बनी रहेगी।

सरकार का दावा है कि यह प्रक्रिया देश में प्रतिनिधित्व को और मजबूत करेगी, जबकि विपक्ष अब भी इसे संघीय ढांचे के लिए चुनौती मान रहा है।

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