सड़क निर्माण में देरी पर हाईकोर्ट सख्त, कहा- प्रक्रिया के नाम पर जनता को परेशान नहीं किया जा सकता

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सड़कों की खराब स्थिति और निर्माण कार्य में देरी को लेकर हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है। जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए डिवीजन बेंच ने स्पष्ट कहा कि प्रक्रियात्मक औपचारिकताओं के नाम पर आम जनता को लंबे समय तक परेशान नहीं किया जा सकता।

अदालत ने कहा कि सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं में देरी सीधे तौर पर लोगों के दैनिक जीवन को प्रभावित करती है। शहर की खराब सड़कों को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान पीडब्ल्यूडी की ओर से स्टेटस रिपोर्ट पेश की गई।

रिपोर्ट में बताया गया कि करीब 44.59 करोड़ रुपए के सड़क निर्माण कार्य टेंडर प्रक्रिया में हैं। पेंड्रीडीह से नेहरू चौक तक 15.37 किलोमीटर सड़क के लिए टेंडर जारी किया गया है, जिसकी अंतिम तारीख 4 मई निर्धारित है। वहीं देवकीनंदन चौक से महामाया चौक तक सड़क निर्माण के लिए भी टेंडर प्रक्रिया जारी है।

निगम प्रशासन की ओर से शपथ पत्र में बताया गया कि कुछ हिस्सों में सड़क डामरीकरण और बिजली खंभों की शिफ्टिंग का काम पूरा हो चुका है। फिलहाल कुछ क्षेत्रों में अतिक्रमण हटाने और पेड़ों के प्रत्यारोपण का कार्य जारी है।

हाईकोर्ट ने नगर निगम कमिश्नर और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को अगली सुनवाई से पहले विस्तृत प्रगति रिपोर्ट और कार्य पूरा करने की समय-सीमा बताने के निर्देश दिए हैं। साथ ही औद्योगिक विकास से जुड़े मामलों में सीएसआईडीसी और जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के अधिकारियों से भी जवाब मांगा गया है।

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