23 साल बाद जग्गी हत्याकांड में बड़ा फैसला, अमित जोगी दोषी करार, उम्रकैद की सजा

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित राम अवतार जग्गी हत्याकांड में हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए अमित जोगी को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने उन्हें इस हत्या का मास्टरमाइंड मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई क्लीन चिट को गलत और गैरकानूनी बताते हुए खारिज कर दिया गया।
कोर्ट के अनुसार, इस हत्याकांड की साजिश सुनियोजित तरीके से रची गई थी। मामले में आकाश चैनल के डायरेक्टर की गवाही अहम मानी गई, जिसमें बताया गया कि शूटर को हत्या के लिए 5 लाख रुपए दिए गए थे। यह भी सामने आया कि हत्या से पहले आरोपियों के बीच कई बैठकें हुईं और पूरी योजना तैयार की गई।
दरअसल, 2003 में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक टकराव बढ़ गया था। राम अवतार जग्गी उस समय एक प्रमुख राजनीतिक चेहरा बनकर उभरे थे, जिससे उन्हें रास्ते से हटाने की साजिश रची गई। 4 जून 2003 को उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
शुरुआती जांच में इस घटना को लूट का मामला बताया गया था, लेकिन बाद में यह मामला राजनीतिक साजिश के रूप में सामने आया। परिवार और विपक्ष के दबाव के बाद जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। जांच में अमित जोगी सहित कई लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया गया।
हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि इस मामले में आरोपी एक-दूसरे के संपर्क में थे और कॉल डिटेल्स, गवाहों के बयान तथा अन्य साक्ष्य इस बात की पुष्टि करते हैं कि पूरी साजिश संगठित तरीके से रची गई थी। कोर्ट ने यह भी माना कि आरोपी के प्रभाव के कारण जांच को भटकाने की कोशिश की गई।
फैसले में यह भी कहा गया कि ट्रायल कोर्ट का निर्णय तथ्यों के विपरीत था और बिना पर्याप्त आधार के दिया गया था। सभी आरोपियों के खिलाफ एक जैसे सबूत होने के बावजूद एक को बरी करना न्यायसंगत नहीं था।
मामले में अब सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की गई है, जिस पर सुनवाई की तारीख तय की गई है। इस फैसले के बाद पूरे मामले पर फिर से लोगों की नजरें टिक गई हैं।





