अमेरिका-ईरान तनाव में रूस की एंट्री, शांति वार्ता की कमान पुतिन ने संभाली

अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच अब रूस ने शांति स्थापित कराने की पहल तेज कर दी है। दोनों देशों के बीच समझौता कराने की कोशिशों में पाकिस्तान के असफल रहने के बाद रूस ने मध्यस्थता की जिम्मेदारी अपने हाथ में ले ली है।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने खुद इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभानी शुरू कर दी है। उनके करीबी सूत्रों के अनुसार, मध्य पूर्व में शांति बहाल करने के लिए एक ठोस योजना तैयार की गई है, जिस पर तेजी से काम किया जा रहा है।
इस घटनाक्रम के बीच अमेरिका ने संकेत दिए हैं कि संघर्ष अभी कुछ सप्ताह और जारी रह सकता है, वहीं ईरान ने भी फिलहाल किसी समझौते से इनकार करते हुए अपने रुख को सख्त बनाए रखा है। ईरान का कहना है कि जब तक उसे सुरक्षा की गारंटी नहीं मिलती, तब तक वह बातचीत के लिए तैयार नहीं होगा।
पाकिस्तान पहले दोनों देशों के बीच संवाद स्थापित कराने की कोशिश कर रहा था, लेकिन वह किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच सका। इसके अलावा, जिन माध्यमों से संदेश पहुंचाए जा रहे थे, वे भी हालिया घटनाओं के चलते प्रभावित हुए हैं।
रूस ने अब कूटनीतिक स्तर पर सक्रियता बढ़ाते हुए विभिन्न देशों और हितधारकों से बातचीत शुरू कर दी है। इस कड़ी में पुतिन ने कई प्रमुख नेताओं से संपर्क साधा है, ताकि शांति वार्ता को आगे बढ़ाया जा सके।
मौजूदा हालात में रूस की यह पहल वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इससे क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कम करने की संभावना जताई जा रही है।





