20 साल पुराने जग्गी हत्याकांड में आज अहम सुनवाई, CBI की 11 हजार पन्नों की रिपोर्ट पर टिकी नजर

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड मामले में आज हाईकोर्ट में अहम सुनवाई होनी है। इस मामले की सुनवाई के लिए विशेष डिवीजन बेंच का गठन किया गया है, जिसमें चीफ जस्टिस और अन्य न्यायाधीश शामिल हैं। मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी ने 11 हजार पन्नों की विस्तृत चार्जशीट पेश की है, जिसमें कई आरोपियों के साथ अमित जोगी का नाम भी शामिल है।
यह मामला सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद दोबारा हाईकोर्ट में खोला गया है। इससे पहले ट्रायल कोर्ट में सुनवाई के दौरान कई आरोपियों को सजा सुनाई गई थी, जबकि सबूतों के अभाव में अमित जोगी को बरी कर दिया गया था। अब केस के फिर से खुलने के बाद इस पर कानूनी और राजनीतिक दोनों नजरें टिकी हुई हैं।
पिछली सुनवाई में अमित जोगी के वकील ने केस की फाइल उपलब्ध नहीं होने की बात कहकर समय मांगा था, लेकिन कोर्ट ने इसे अस्वीकार करते हुए संबंधित पक्षों को फाइल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। ऐसे में आज की सुनवाई को लेकर स्थिति महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
मामला 4 जून 2003 का है, जब एनसीपी नेता रामावतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में कुल 31 लोगों को आरोपी बनाया गया था, जिनमें से 28 को दोषी ठहराया गया था, जबकि कुछ लोग सरकारी गवाह बन गए थे।
प्रारंभिक जांच में पक्षपात के आरोप लगने के बाद राज्य सरकार ने यह मामला सीबीआई को सौंप दिया था। सीबीआई ने अपनी जांच में कई लोगों के खिलाफ साजिश और हत्या के आरोप लगाए थे। हालांकि पर्याप्त सबूत नहीं मिलने के कारण कुछ आरोपियों को राहत मिली थी।
अब दोबारा सुनवाई के दौरान सीबीआई की विस्तृत रिपोर्ट और पुराने साक्ष्यों की समीक्षा के आधार पर अदालत का फैसला इस बहुचर्चित मामले में नई दिशा तय कर सकता है।





