Major order: ग्राम सभा की मंजूरी के बिना रेत खदान लीज पर लगाई अंतरिम ररोक
जे.पी. एसोसिएट्स की याचिका पर बड़ा आदेश, अवैध रूप से किए गए नए लीज समझौतों के क्रियान्वयन पर कोर्ट ने लगाया स्टे.....

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने रेत खदान लीज आवंटन की प्रक्रिया में वैधानिक नियमों की अनदेखी पर (Major order) कड़ा रुख अपनाते हुए ग्राम पंचायत मलाकदोल द्वारा किए गए नए समझौतों के क्रियान्वयन पर अंतरिम रोक लगा दी है। यह महत्वपूर्ण आदेश जे.पी. एसोसिएट्स द्वारा अधिवक्ता सिद्धार्थ पाण्डेय के माध्यम से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया गया।
अवैध रूप से किए गए नए लीज समझौतों के क्रियान्वयन पर कोर्ट ने लगाया स्टे (Major order)
याचिका में आरोप लगाया गया था कि याचिकाकर्ता के पास पहले से ही 30 जून 2023 से प्रभावी 5 वर्ष का वैध लीज अनुबंध मौजूद था, इसके बावजूद ग्राम पंचायत ने 11 अप्रैल और 24 नवंबर 2025 को बिना किसी ग्राम सभा की अनिवार्य स्वीकृति के नए लीज समझौते कर लिए। कोर्ट ने प्रथम दृष्टया याचिकाकर्ता के तर्कों में दम पाया कि बिना संवैधानिक प्रक्रिया का पालन किए और पूर्व लीज को वैध तरीके से समाप्त किए बिना नए अनुबंध करना नियमों का उल्लंघन है। इस विवाद के चलते याचिकाकर्ता को खनन कार्य से वंचित होना पड़ा, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने फिलहाल नए समझौतों पर रोक लगा दी है और स्पष्ट किया है कि अंतिम निर्णय सभी पक्षों की दलीलों और विस्तृत सुनवाई के बाद ही लिया जाएगा, तब तक स्थिति यथावत बनी रहेगी……





