सिलेंडर और पेट्रोल की कमी की अफवाह पर सख्ती, सोशल मीडिया पर निगरानी के निर्देश

प्रदेश में गैस सिलेंडर और पेट्रोल-डीजल की कमी को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। ऐसे भ्रामक संदेश फैलाने वालों के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी और साइबर सेल को निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

नवा रायपुर स्थित साइबर मुख्यालय अब पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस से जुड़े सभी तरह के संदेशों पर नजर रखेगा। किसी भी तरह की अफवाह फैलाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सीधे मामला दर्ज किया जाएगा।

इसी बीच प्रशासन ने जमाखोरी और कालाबाजारी पर भी कार्रवाई तेज कर दी है। प्रदेशभर में होटलों, ढाबों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर 3800 से अधिक गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं। जांच में सामने आया कि इन स्थानों पर घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस और उर्वरकों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।

उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुचारू बनाए रखने, पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों की नियमित निगरानी करने और जरूरी संस्थानों में गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक खबरों पर लगातार नजर रखने को कहा गया है।

गैस सप्लाई में गड़बड़ी या अधिक कीमत वसूले जाने की शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर 1800-233-3663 जारी किया गया है, जिस पर आम नागरिक सीधे अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

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