एशियन गेम्स पदक जीतना सबसे बड़ा सपना – मीराबाई चानू

रायपुर। टोक्यो ओलंपिक की रजत पदक विजेता सेखोम मीराबाई चानू ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के उद्घाटन अवसर पर अपने करियर के सबसे बड़े अधूरे लक्ष्य, एशियन गेम्स पदक को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि एशियन गेम्स में पदक जीतना अब भी उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
पिछले एक दशक से भारतीय वेटलिफ्टिंग की अग्रणी खिलाड़ी रही मीराबाई चानू ओलंपिक, विश्व चैंपियनशिप और कॉमनवेल्थ गेम्स में कई पदक जीत चुकी हैं, लेकिन एशियन गेम्स में अब तक पदक हासिल नहीं कर पाई हैं। उन्होंने 2014 इंचियोन एशियन गेम्स में 19 साल की उम्र में पदार्पण किया था, जहां वे नौवें स्थान पर रहीं। 2018 जकार्ता एशियन गेम्स में पीठ की चोट के कारण हिस्सा नहीं ले सकीं, जबकि 2022 हांगझोउ एशियन गेम्स में हिप इंजरी के चलते उनका सपना अधूरा रह गया।
वजन वर्ग की चुनौती
31 वर्षीय मीराबाई ने कहा कि एशियन गेम्स में प्रतियोगिता का स्तर बेहद ऊंचा होता है और वहां पदक जीतना उनके करियर का बड़ा लक्ष्य है। नियमों में बदलाव के कारण उन्हें 48 और 49 किलोग्राम वर्ग के बीच संतुलन बनाना होगा।
वे 23 जुलाई से 2 अगस्त तक ग्लासगो में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स में 48 किलोग्राम वर्ग में उतरेंगी, जबकि 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक नागोया (जापान) में आयोजित एशियन गेम्स में 49 किलोग्राम वर्ग में प्रतिस्पर्धा करेंगी।
राष्ट्रीय चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन
हाल ही में राष्ट्रीय वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में मीराबाई चानू ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 48 किलोग्राम वर्ग में तीन नए राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाए। उन्होंने स्नैच में 89 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 116 किलोग्राम वजन उठाते हुए कुल 205 किलोग्राम के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया, जो उनके करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा।
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की सराहना
इस मौके पर मीराबाई चानू ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 की सराहना करते हुए कहा कि यह आयोजन दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों के खिलाड़ियों के लिए बड़ा मंच साबित होगा। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से खासकर उत्तर-पूर्व और जनजातीय इलाकों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे आने का अवसर मिलता है।
उन्होंने नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और साई ट्रेनिंग सेंटर की सुविधाओं की भी सराहना करते हुए कहा कि इन संस्थानों में मिल रही उच्चस्तरीय ट्रेनिंग और पोषण भारतीय खेलों को नई ऊंचाइयों तक ले जा रहा है।





