खल्लारी रोपवे हादसे की जांच में कांग्रेस का दावा, संचालन और मेंटेनेंस में मिली कई खामियां

महासमुंद। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की 6 सदस्यीय जांच टीम ने खल्लारी माता मंदिर में हुए रोपवे हादसे के घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान रोपवे संचालन और मेंटेनेंस में कई गंभीर खामियां सामने आने का दावा किया गया है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर गठित जांच दल का नेतृत्व द्वारिकाधीश यादव ने किया। टीम में चातुरी नंद, अमरजीत चावला और केशव चंद्राकर शामिल रहे।

केबल की गुणवत्ता पर उठाए सवाल

जांच टीम ने रोपवे ट्रॉली दुर्घटनास्थल का निरीक्षण कर टूटे केबल की जांच की। टीम का दावा है कि केबल के बाहरी हिस्से में स्टील तार और अंदर नायलॉन रस्सी पाई गई, जबकि रोपवे में पूरी तरह स्टील केबल का उपयोग होना चाहिए था। टीम ने इसे सुरक्षा मानकों में गंभीर लापरवाही बताया।

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बिना विशेषज्ञ मेंटेनेंस और जनरेटर से संचालन

जांच टीम के अनुसार नवरात्रि से तीन दिन पहले मेंटेनेंस किया गया, लेकिन तकनीकी विशेषज्ञ मौजूद नहीं थे। अपर स्टेशन के मुख्य चक्के को बदला गया था, जो पहले से अलग पाया गया। साथ ही पिछले दो-तीन महीनों से बिजली आपूर्ति पर्याप्त नहीं होने के कारण रोपवे जनरेटर से संचालित किया जा रहा था।

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कम अनुभवी टीम को दी गई जिम्मेदारी

विधायक द्वारिकाधीश यादव ने कहा कि पहले अनुभवी टीम रोपवे चला रही थी, लेकिन बिना सूचना के स्थानीय और कम अनुभवी टीम को जिम्मेदारी दे दी गई। नियमित मेंटेनेंस और चेकलिस्ट का पालन नहीं होने से हादसे की आशंका बढ़ गई।

मुआवजा बढ़ाने की मांग

जांच दल ने मृतकों और घायलों के लिए घोषित मुआवजे को नाकाफी बताते हुए 50-50 लाख रुपए मुआवजा और घायलों के पूर्ण इलाज की मांग की। जांच के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को सौंपी जाएगी।

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