सरहुल महोत्सव में शामिल हुए CM साय, प्रकृति पूजा कर समृद्धि की कामना

जशपुर/रायपुर। विष्णु देव साय ने जशपुर के दीपू बगीचा में आयोजित पारंपरिक सरहुल महोत्सव में शामिल होकर धरती माता, सूर्य देव और साल वृक्ष की पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश की सुख-समृद्धि, अच्छी बारिश और भरपूर फसल की कामना की।
सरहुल की पारंपरिक रस्म के तहत बैगा द्वारा मुख्यमंत्री के कान में सरई (साल) फूल खोंचकर उन्हें आशीर्वाद दिया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को सरहुल उत्सव और हिंदू नववर्ष की शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरहुल महोत्सव प्रकृति, धरती और जीवन के संतुलन का प्रतीक है। बैगा, पाहन और पुजारियों द्वारा की जाने वाली पूजा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और सामूहिक जीवन मूल्यों की अभिव्यक्ति है। उन्होंने इसे जनजातीय समाज की समृद्ध संस्कृति का जीवंत उदाहरण बताया और इसके संरक्षण को सभी की जिम्मेदारी बताया।
इस दौरान विष्णु देव साय ने सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाखों लोगों को घर दिए जा रहे हैं। वहीं महतारी वंदन योजना के माध्यम से 25 किश्तों में 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं को दी जा चुकी है। किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर उचित मूल्य दिया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि विधानसभा में प्रस्तुत धर्म स्वातंत्र्य विधेयक सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक पहचान की रक्षा की दिशा में एक अहम कदम है।
गौरतलब है कि सरहुल उरांव समुदाय का प्रमुख पर्व है, जो चैत्र माह में मनाया जाता है और प्रकृति के नवजीवन व ऋतु परिवर्तन का प्रतीक माना जाता है। इस अवसर पर धरती माता और सूर्य देव के प्रतीकात्मक विवाह के साथ सामूहिक पूजा की जाती है।
कार्यक्रम में पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं और युवतियों ने आकर्षक सरहुल नृत्य प्रस्तुत किया। मांदर की थाप और उत्साहपूर्ण माहौल ने पूरे आयोजन को जनजातीय संस्कृति के रंग में रंग दिया।





