छत्तीसगढ़ में बाघ और तेंदुए की खाल के साथ 6 शिकारी गिरफ्तार

दंतेवाड़ा जिले में वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए बाघ और तेंदुए की खाल के साथ सक्रिय शिकार गिरोह का भंडाफोड़ किया। संयुक्त टीम की घेराबंदी में छह से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर वन्यजीवों की खाल बरामद की गई। सभी आरोपियों को जेल भेजा गया।
मुकबिर की सूचना पर वनमंडल दंतेवाड़ा, वनमंडल बीजापुर, इंद्रावती टाइगर रिजर्व, राज्य स्तरीय उड़नदस्ता दल और वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। दंतेवाड़ा-बालूद मार्ग पर घेराबंदी में दो आरोपियों को बाघ की खाल के साथ पकड़ा गया।
पूछताछ में गिरोह के अन्य सदस्यों की जानकारी मिली और अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में लक्ष्मण तेलाम, देवीराम ओयाम, रमेश कुड़ियाम, फरसोन पोयामी, सेमला रमेश और सुखराम पोडियाम शामिल हैं।
आरोपियों की निशानदेही पर ग्राम केशापुर में छापेमारी कर एक तेंदुए की खाल बरामद की गई और मासो ओयाम तथा अर्जुन भोगामी को भी गिरफ्तार किया गया। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।
वन विभाग ने बताया कि जब्त बाघ और तेंदुआ अनुसूची-1 के संरक्षित वन्यजीव हैं और सभी आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
वन विभाग के DFO रंगनाधा रामाकृष्णा वाय ने कहा कि वन्यजीवों के अवैध शिकार और तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।





