भूपेश सरकार के दौरान नेशनल हेराल्ड को 4.24 करोड़ के विज्ञापन, साय सरकार ने जांच के दिए संकेत

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में मंगलवार को विज्ञापन आवंटन को लेकर बड़ा मुद्दा उठाया गया। भाजपा विधायक सु्शांत शुकला ने पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में मीडिया संस्थानों को दिए गए सरकारी विज्ञापनों की वैधता पर सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि वर्ष 2019-20 से 2025-26 के बीच नेशनल हेराल्ड और अन्य प्रकाशनों को विज्ञापन मद से कितनी राशि दी गई।
प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि वर्ष 2019 से 2023-24 के बीच नेशनल हेराल्ड को कुल 4.24 करोड़ रुपये के सरकारी विज्ञापन दिए गए। वहीं ‘संडे नवजीवन’ को इस अवधि में 3.06 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। उन्होंने यह भी बताया कि नेशनल हेराल्ड के तत्कालीन प्रबंधनकर्ता पवन कुमार बंसल हैं।
विधानसभा में इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान वरिष्ठ भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने सवाल उठाया कि जब नेशनल हेराल्ड का नियमित प्रकाशन छत्तीसगढ़ में नहीं होता, तो फिर किस नीति के तहत इतनी बड़ी राशि विज्ञापन के रूप में जारी की गई। उन्होंने इस पूरे मामले की विस्तृत और ठोस जांच कराने की मांग की।
मुख्यमंत्री साय ने सदन में कहा कि मौजूदा सरकार ने इन प्रकाशनों को कोई विज्ञापन जारी नहीं किया है। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि आवश्यक हुआ तो पूरे मामले का परीक्षण कराया जाएगा।
सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार वर्षवार विज्ञापन भुगतान इस प्रकार है— 2019-20 में 34 लाख रुपये, 2020-21 में 58 लाख रुपये, 2021-22 में 68 लाख रुपये, 2022-23 में 1.28 करोड़ रुपये और 2023-24 में 1.36 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।
इस मुद्दे के उठने के बाद विधानसभा में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया। भाजपा विधायकों ने मामले की विस्तृत जांच की मांग की, जबकि सरकार ने कहा कि सभी तथ्यों की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।





