छत्तीसगढ़ में 3 साल में 9 बाघ और 38 हाथियों की मौत, विधानसभा में वन मंत्री ने दी जानकारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ में पिछले तीन वर्षों के दौरान 9 बाघ और 38 हाथियों की मौत हुई है। इसके अलावा 562 वन्यजीवों की अस्वाभाविक मौत भी दर्ज की गई है। यह जानकारी वन मंत्री केदार कश्यप ने विधानसभा में कांग्रेस विधायक शेषराज हरवंश के प्रश्न के जवाब में दी।
विधानसभा के बजट सत्र के सातवें दिन वन मंत्री ने बताया कि वर्ष 2023 से 2026 के बीच प्रदेश में हाथियों की कई स्थानों पर मौत दर्ज की गई है। वर्ष 2023 में बलरामपुर और धरमजयगढ़ में एक-एक हाथी की मौत हुई।
वर्ष 2024 में 18 हाथियों की मौत हुई, जिनमें रायगढ़ में 4, कोरबा में 1, बलरामपुर में 3, उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व में 1, सूरजपुर में 3, धमतरी में 1, बिलासपुर में 1, धरमजयगढ़ में 3 और सरगुजा एलीफेंट रिजर्व में 1 हाथी शामिल है।
वर्ष 2025 में 16 हाथियों की मौत दर्ज की गई, जिनमें रायगढ़ वन मंडल में 7, धरमजयगढ़ में 4, कोरबा में 2, बलरामपुर, सूरजपुर और कटघोरा में एक-एक हाथी की मौत हुई। वहीं 2026 में अब तक 2 हाथियों की मौत हो चुकी है, जिनमें एक उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व और एक रायगढ़ वन मंडल में हुई।
इसके अलावा मंत्री ने बताया कि पिछले दो वर्षों में प्रदेश में 9 बाघों की मौत हुई है। वर्ष 2024 में सारंगढ़-बिलाईगढ़ वन मंडल और कोरिया में एक-एक बाघ की मौत हुई। वर्ष 2025 में 6 बाघों की मौत हुई, जिनमें अचानकमार टाइगर रिजर्व में 1, नंदनवन वन सफारी में 2, अचानकमार-अमरकंटक बायोस्फियर रिजर्व में 2 और सूरजपुर में 1 बाघ शामिल है।
वर्ष 2026 में अब तक अचानकमार टाइगर रिजर्व में 1 बाघ की मौत दर्ज की गई है। मंत्री ने कहा कि वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए विभाग लगातार निगरानी और आवश्यक कार्रवाई कर रहा है।





