गैस सिलेंडर की सप्लाई में देरी से उपभोक्ता परेशान, बुकिंग के बाद भी 5–6 दिन में मिल रही डिलीवरी

मिडिल ईस्ट में बढ़े तनाव का असर अब घरेलू रसोई तक पहुंचता दिखाई दे रहा है। तेल सप्लाई प्रभावित होने के कारण देश में घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम में 60 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर में 114 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इसके साथ ही कई स्थानों पर गैस सिलेंडर की सप्लाई भी प्रभावित हो रही है।
राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के कई हिस्सों में सिलेंडर की डिलीवरी में देरी हो रही है। होली की छुट्टियों और अचानक बढ़ी मांग के कारण रीफिलिंग व्यवस्था प्रभावित हुई है। इसके चलते बुकिंग के बाद सिलेंडर की सप्लाई करीब 5 से 6 दिन देरी से हो रही है।
नियम के अनुसार एक सिलेंडर मिलने के बाद दूसरा सिलेंडर 21 से 25 दिनों के भीतर ही बुक किया जा सकता है। कंपनियों ने बुकिंग के 24 घंटे के भीतर सिलेंडर पहुंचाने का लक्ष्य रखा है, लेकिन होली के बाद से डिलीवरी में लगातार देरी की स्थिति बनी हुई है।
सप्लाई बाधित होने की खबरें सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रही हैं। इसके बाद से गैस एजेंसियों में पूछताछ करने वालों की संख्या बढ़ गई है। कई लोग समय पर सिलेंडर मिलने के लिए जल्दी-जल्दी बुकिंग करने की कोशिश कर रहे हैं।
गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि शहर में एलपीजी का स्टॉक पर्याप्त है, लेकिन होली की छुट्टियों के कारण कई कर्मचारी वापस नहीं लौटे हैं। इसके चलते वितरण व्यवस्था प्रभावित हुई है। साथ ही डोमेस्टिक और कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई सीमित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
कई उपभोक्ताओं ने बताया कि बुकिंग के बावजूद उन्हें समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। कुछ लोगों ने कहा कि पहले जहां 24 घंटे के भीतर सिलेंडर मिल जाता था, वहीं अब कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। गैस खत्म होने की स्थिति में लोग इंडक्शन और माइक्रोवेव जैसे विकल्पों का उपयोग कर रहे हैं, जिससे बिजली की खपत बढ़ रही है।
ईंधन की उपलब्धता को लेकर तेल कंपनियों ने कहा है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है और सोशल मीडिया पर फैल रही कई खबरें भ्रामक हैं। उपभोक्ताओं से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है।
तेल कंपनियों ने सिलेंडर बुकिंग के नियमों में भी बदलाव किया है। अब रिफिल सिलेंडर की बुकिंग 25 दिन बाद ही की जा सकेगी, जबकि पहले यह अवधि 21 दिन थी। इसके अलावा जिन ग्राहकों का ई-केवायसी पूरा नहीं हुआ है, उन्हें सिलेंडर नहीं देने के निर्देश भी डीलर्स को दिए गए हैं। कमर्शियल सिलेंडर को लेकर भी कुछ श्रेणियों के लिए ही आपूर्ति करने के निर्देश जारी किए गए हैं।





