दंतेवाड़ा मुठभेड़ में 5 लाख का इनामी माओवादी ढेर
दंतेवाड़ा। दंतेवाड़ा–बीजापुर सीमाक्षेत्र के जंगल-पहाड़ी इलाके में सोमवार को पुलिस और माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में एक सशस्त्र माओवादी मारा गया। मारे गए माओवादी की पहचान भैरमगढ़ एरिया कमेटी के एसीएम राजेश पुनेम के रूप में हुई है, जिस पर शासन द्वारा 5 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
पुलिस के अनुसार थाना गीदम क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम गुमलनार, गिरसापारा और नेलगोड़ा के बीच जंगल-पहाड़ी इलाके में माओवादियों द्वारा हथियार और सामग्री का डंप छिपाकर रखने की सूचना मिली थी। इस सूचना के आधार पर पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर डीएसपी (नक्सल ऑप्स) राहुल कुमार उयके के नेतृत्व में डीआरजी और बस्तर फाइटर्स की टीम को अभियान के लिए रवाना किया गया।
दोपहर करीब 12:30 बजे पुलिस बल संभावित डंप स्थल की ओर बढ़ा और इलाके में सर्चिंग शुरू की। रात लगभग 8:30 से 9 बजे के बीच पहले से घात लगाकर बैठे 8 से 10 सशस्त्र माओवादियों ने पुलिस पार्टी पर अचानक अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस के मुताबिक माओवादियों की मंशा जवानों को नुकसान पहुंचाकर हथियार लूटने की थी।
जवानों ने तुरंत सुरक्षित पोजीशन लेते हुए माओवादियों को आत्मसमर्पण की चेतावनी दी, लेकिन फायरिंग जारी रहने पर आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की गई। जवाबी फायरिंग के बाद माओवादी घने जंगल और पहाड़ी इलाके का फायदा उठाकर फरार हो गए।
मुठभेड़ के बाद सर्चिंग में एक सशस्त्र माओवादी का शव बरामद हुआ। मौके से एक एसएलआर रायफल, एक इंसास रायफल, एक पिस्टल (मैगजीन सहित), वॉकी-टॉकी सेट, मैगजीन, जिंदा कारतूस, मिसफायर राउंड और खाली खोखे समेत बड़ी मात्रा में नक्सली सामग्री भी जब्त की गई।
आत्मसमर्पित नक्सली कैडर की मदद से मृत माओवादी की पहचान राजेश पुनेम, एसीएम, भैरमगढ़ एरिया कमेटी, निवासी ग्राम बुरजी, थाना गंगालूर, जिला बीजापुर के रूप में की गई। पुलिस ने बताया कि इलाके में आईईडी और एंबुश के खतरे को देखते हुए टैक्टिकल मूवमेंट किया गया और आरओपी व एरिया डोमिनेशन के बाद सुरक्षा बल सुरक्षित रूप से दंतेवाड़ा मुख्यालय लौट आए। अभियान में किसी भी सुरक्षाबल को नुकसान नहीं पहुंचा।





