होली पर सख्ती, दुर्ग में बिना अनुमति जुलूस-डीजे पर रोक और अवैध शराब पर निगरानी

होली पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक में व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए गए। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति कोई भी जुलूस या सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा। होलिका दहन स्थल में बदलाव भी पूर्व अनुमति के बिना संभव नहीं होगा।
अधिकारियों के अनुसार जिले के अधिकांश स्थानों पर 2 मार्च की शाम से रात तक होलिका दहन किया जाएगा। इस दौरान अग्नि सुरक्षा के सभी इंतजाम अनिवार्य रहेंगे। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा और बाइक पेट्रोलिंग के जरिए लगातार निगरानी रखी जाएगी। ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर भी विशेष प्रबंध किए गए हैं।
डीजे और लाउडस्पीकर के उपयोग को लेकर सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। निर्धारित समय और ध्वनि सीमा का पालन करना अनिवार्य होगा। नशे की हालत में वाहन चलाने वालों के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। हुड़दंग या उपद्रव करने वालों पर भी कानूनी प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई होगी।
सोशल मीडिया पर भ्रामक या सांप्रदायिक पोस्ट साझा करने वालों के खिलाफ बीएनएस और आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। जबरन रंग लगाने, छेड़छाड़, मारपीट या किसी भी प्रकार के विवाद की स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचना देने की अपील की गई है।
अवैध शराब की बिक्री और सार्वजनिक स्थानों पर नशा करने वालों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। वार्ड और गांव स्तर पर शांति समिति के सदस्यों को स्थानीय स्तर पर समन्वय बनाए रखने और किसी भी विवाद की स्थिति में तत्काल प्रशासन को सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और होली का त्योहार आपसी प्रेम, भाईचारे और संयम के साथ मनाएं। किसी भी आपात स्थिति में 112 और 9479192099 पर संपर्क किया जा सकता है।





