टी20 वर्ल्ड कप 2026: यूनिसेफ और आईसीसी ने बच्चों के अधिकारों पर दिया जोर

दिल्ली। यूनिसेफ और अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की साझेदारी ने पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान बच्चों के सशक्तिकरण और उनके ‘खेलने के अधिकार’ को प्रमुखता से सामने रखा। अहमदाबाद स्थित नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारत-नीदरलैंड मैच से पहले यूनिसेफ इंडिया की चीफ ऑफ फील्ड सर्विसेज सोलेदाद हेरेरो ने दो युवा खिलाड़ियों के साथ ‘ट्रॉफी वॉक’ कर इस संदेश को वैश्विक मंच दिया।
सोलेदाद हेरेरो ने कहा, “क्रिकेट समानता और समावेशन का सशक्त माध्यम है। यह हमें याद दिलाता है कि हर बच्चा, हर जगह, निष्पक्ष अवसर का हकदार है। हमें आईसीसी के साथ साझेदारी पर गर्व है, जिसका उद्देश्य बच्चों के खेलने के अधिकार को बढ़ावा देना है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि खेल बच्चों को सीखने, खोजने और दुनिया को समझने का अवसर देता है। इससे उनमें आलोचनात्मक सोच, समस्या-समाधान क्षमता, आत्मविश्वास और भावनात्मक संतुलन विकसित होता है।
उन्होंने सुरक्षित खेल स्थलों की आवश्यकता पर भी बल दिया। उनके मुताबिक, जब बच्चे सुरक्षित माहौल में खेलते हैं तो वे बिना डर के सीखते हैं, असफलता से उबरना सीखते हैं और आत्मविश्वास विकसित करते हैं।
ट्रॉफी वॉक में शामिल 15 वर्षीय रंगी नियति मोहनलाल और 14 वर्षीय रे अंकित उमाशंकरभाई ने ‘खेलने के अधिकार’ के संदेश को और मजबूत किया। दोनों युवा खिलाड़ी अपने-अपने स्तर पर राज्य का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
गौरतलब है कि यूनिसेफ और आईसीसी 2015 से ‘क्रिकेट फॉर गुड’ पहल के तहत साथ काम कर रहे हैं। इस साझेदारी के जरिए स्वच्छता, शिक्षा, लैंगिक समानता और बच्चों के अधिकारों जैसे मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाई जा रही है, ताकि हर बच्चे को सुरक्षित और समान अवसर मिल सके।





