दुर्ग में करीब दो लाख राशन कार्डधारकों का ई-केवाईसी अब भी अधूरा, 28 फरवरी तक अंतिम मौका

दुर्ग जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत बड़ी संख्या में राशन कार्डधारकों का ई-केवाईसी अब भी पूरा नहीं हो पाया है। जिले में करीब 1 लाख 99 हजार से अधिक हितग्राहियों का ई-केवाईसी लंबित है, जिसे लेकर प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।
भारत सरकार के निर्देशानुसार ‘एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड’ योजना के तहत आधार प्रमाणीकरण के जरिए ही खाद्यान्न वितरण अनिवार्य किया गया है। इसके बावजूद जिले में बड़ी संख्या में लाभार्थियों ने अब तक ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं कराई है।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, दुर्ग जिले में कुल 4 लाख 96 हजार से अधिक राशन कार्ड प्रचलित हैं, जिनमें करीब 16 लाख 86 हजार सदस्य पंजीकृत हैं। इनमें से लगभग 14 लाख 86 हजार सदस्यों का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है, जबकि करीब 1 लाख 99 हजार सदस्यों का सत्यापन अब भी बाकी है।
खाद्य विभाग के अनुसार, जिले की सभी उचित मूल्य दुकानों में ई-पॉस मशीनों के माध्यम से ई-केवाईसी की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा ‘मेरा ई-केवाईसी’ मोबाइल ऐप के जरिए भी घर बैठे प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। एंड्रायड उपयोगकर्ता गूगल प्ले स्टोर से ऐप डाउनलोड कर आधार नंबर, ओटीपी और फेस ई-केवाईसी के माध्यम से सत्यापन कर सकते हैं।
सरकार ने 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को ई-केवाईसी से छूट दी है, लेकिन अन्य सभी सदस्यों के लिए यह प्रक्रिया अनिवार्य है। प्रशासन ने अपील की है कि जिन परिवारों का ई-केवाईसी अधूरा है, वे जल्द से जल्द इसे पूरा कराएं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 28 फरवरी 2026 के बाद ई-केवाईसी अधूरा रहने पर राशन वितरण में बाधा आ सकती है। ऐसे में हितग्राहियों से समय रहते प्रक्रिया पूरी कराने की अपील की गई है।





