बिलासपुर में UGC समानता विधेयक को लेकर सर्व हिंदू समाज की हुंकार, भेदभाव खत्म करने की मांग

बिलासपुर।यूजीसी (UGC) के प्रस्तावित समानता विधेयक को लेकर बिलासपुर में सर्व हिंदू समाज ने एकजुट होकर आवाज़ बुलंद की है। कुर्मी चेतना भवन में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में शिक्षण संस्थानों में व्याप्त भेदभाव पर गंभीर चिंता जताई गई और इस विधेयक को सख्ती से लागू कराने का संकल्प लिया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए वक्ता श्याम मूरत कौशिक ने कहा कि देश के कई कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में एससी, एसटी और ओबीसी समुदायों के छात्रों के साथ धर्म, जाति, लिंग, नस्ल और दिव्यांगता के आधार पर भेदभाव किया जा रहा है। उन्होंने विभिन्न अध्ययनों और रिपोर्टों का हवाला देते हुए बताया कि यह स्थिति बेहद चिंताजनक है।
कौशिक ने रोहित वेमुला जैसे मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि मानसिक और सामाजिक दबाव के कारण कई छात्र आत्महत्या जैसे कठोर कदम उठाने को मजबूर हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि कोलंबिया यूनिवर्सिटी के लॉ एक्टिविस्ट्स द्वारा सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर किए जाने के बाद न्यायालय ने यूजीसी को समानता विधेयक को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए हैं।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आने वाले समय में यूजीसी समानता विधेयक के समर्थन में व्यापक जन-अभियान चलाया जाएगा, ताकि शिक्षण संस्थानों में समानता और सम्मान का वातावरण सुनिश्चित हो सके।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इस दिशा में कितनी गंभीरता दिखाती है और क्या यह विधेयक पूरी मजबूती से लागू होकर भेदभाव की जड़ों पर प्रभावी प्रहार कर पाता है।





