Et af de længst eksisterende offshore-navne er stadig Queenvegas selvom konkurrencen er blevet hård. I sammanställningar av nyare alternativ förekommer Slotser casino som ett av flera mindre kända varumärken. Bland mindre etablerade sajter återfinns Newlucky casino som har en relativt enkel webbplats men ett brett spelutbud. För dem som vill veta mer om sajter utan begränsningar kan man klicka här och bläddra bland alternativen. Among lion-themed brand entries is www.leoncasino.nu which sits alongside several similar names. För spelare som är nyfikna på bonus buy-mekaniken kan man läs mer här för en bredare överblick.

553 नक्सलियों ने 50 दिनों में डाली बंदूक, बस्तर में तेजी से लौट रही शांति

रायपुर। छत्तीसगढ़ में साय सरकार की सरेंडर नीति लगातार बड़ी सफलता दिला रही है। पिछले 50 दिनों में 553 नक्सलियों ने हथियार डालकर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है। आत्मसमर्पण करने वालों को सरकार की ओर से तुरंत 10 हजार रुपये नकद, रहने-खाने की व्यवस्था, सुरक्षा और आगे पुनर्वास पैकेज दिया जा रहा है।

सरकार के मुताबिक यह सिर्फ संख्या नहीं, बल्कि नक्सली संगठन की कमर टूटने का संकेत है। गांवों में भी लोग काफी खुश हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अब वे रात में चैन से सो सकेंगे, और बच्चे भी बिना डर के स्कूल जा पाएंगे।

बड़े नक्सलियों का भी सरेंडर

सिर्फ दो दिनों में ही 69 इनामी नक्सलियों ने सरेंडर किया है, जिन पर 2 करोड़ 8 लाख रुपये का इनाम था। इनमें कई बड़े कमांडर और प्लाटून लेवल के माओवादी शामिल हैं।

हाल ही में बीजापुर, सुकमा और नारायणपुर में कई नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। इनमें दक्षिण बस्तर की PLGA बटालियन-1 के भी सदस्य थे, जो कभी नक्सलियों का सबसे मजबूत गढ़ माना जाता था।

हिडमा का अंत-नक्सलवाद पर बड़ा झटका

8 नवंबर को कुख्यात माओवादी कमांडर माड़वी हिडमा को सुरक्षा बलों ने मार गिराया। हिडमा पर 1 करोड़ रुपये का इनाम था और वह कई बड़े हमलों का मास्टरमाइंड माना जाता था।

हिडमा के मारे जाने के बाद से ही बड़ी संख्या में नक्सली सरेंडर कर रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में “निर्णायक सफलता” बताया।

बस्तर की असल पहचान को वापस लाने की कोशिश

साय सरकार बस्तर की सांस्कृतिक पहचान को फिर से दुनिया के सामने लाने के लिए बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों पर जोर दे रही है। यहां पर्यटन बढ़ाने और ग्रामीणों के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं।

‘नियद नेल्लानार’ योजना-90 गांवों में तेजी से विकास

नक्सल प्रभावित जिलों में 23 कैंपों के आसपास बसे 90 गांवों को आदर्श ग्राम बनाने का काम जारी है।

145 में से 124 गांव सड़कों से जुड़ चुके हैं

122 स्कूल बढ़कर 144 हो गए हैं

विद्यार्थियों की संख्या में 20% की बढ़ोतरी

आंगनबाड़ी केंद्र 193 से बढ़कर 202

सरकार का लक्ष्य है कि जिन गांवों तक कभी कोई सुविधा नहीं पहुंचती थी, वहां अब आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार उपलब्ध हो।

CM साय बोले – मार्च 2026 तक ‘नक्सल-मुक्त छत्तीसगढ़’

बीजापुर के अंदरूनी गांव गलगम पहुंचकर सीएम साय ने सुरक्षा बलों और ग्रामीणों से मुलाकात की। उन्होंने जवानों के साहस की सराहना की और कहा कि सरकार सड़क, बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं को और मजबूत करेगी।

सीएम ने ग्रामीणों को राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड और पीएम आवास योजना के स्वीकृति पत्र भी बांटे।

सरकार का दावा है कि स्थानीय लोगों के सहयोग और सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई से नक्सलवाद अब अंतिम चरण में है।

 

Show More
Follow Us on Our Social Media
Back to top button
जम्मू-कश्मीर में बारिश से अपडेट सोनम ने ही राजा को दिया था खाई में धक्का… आरोपियों ने बताई सच्चाई
जम्मू-कश्मीर में बारिश से अपडेट सोनम ने ही राजा को दिया था खाई में धक्का… आरोपियों ने बताई सच्चाई