राजस्व निरीक्षक परीक्षा पेपर लीक मामले में 3000 पन्नों की चार्जशीट पेश

छत्तीसगढ़ में राजस्व निरीक्षक विभागीय परीक्षा-2024 के पेपर लीक मामले में जांच एजेंसी ने पाया कि परीक्षा से पहले ही पैसे लेकर प्रश्नपत्र कई अभ्यर्थियों तक पहुंचा दिए गए थे। 100 से ज्यादा अभ्यर्थियों को पेपर परीक्षा से एक रात पहले 6 जनवरी 2024 को दिए गए। कॉल डिटेल रिकॉर्ड और डिजिटल सबूतों से यह भी पता चला कि आरोपियों और अभ्यर्थियों की लोकेशन उसी समय एक ही जगह थी।
जांच में सहायक सांख्यिकी अधिकारी वीरेंद्र जाटव और हेमंत कुमार कौशिक को आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि उन्होंने प्रश्नपत्र वरिष्ठ अधिकारी के घर पर टाइप किया और अभ्यर्थियों तक अवैध तरीके से पहुंचाया। अभ्यर्थियों को रायपुर के होटल, फार्महाउस और रिजॉर्ट में ठहराया गया और वहां उन्हें पेपर दिया गया। साथ ही उन्हें निर्देश दिया गया कि परीक्षा से पहले नोट किए गए सवालों को जला दें ताकि कोई सबूत न रहे।
जांच में यह भी सामने आया कि जिन अभ्यर्थियों को एक साथ ठहराया गया, उनकी उत्तर पुस्तिकाओं में सही और गलत जवाबों का पैटर्न मिलते-जुलते थे। इससे स्पष्ट होता है कि उन्होंने एक ही उत्तर कुंजी के आधार पर तैयारी की थी।
मनी ट्रेल और अन्य अधिकारियों की भूमिका की जांच जारी है। मामले में पहले 19 नवंबर 2025 को रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग समेत सात जिलों में एक साथ 19 ठिकानों पर छापेमारी की गई थी।
साल 2024 की विभागीय परीक्षा पुराने OMR शीट फॉर्मेट पर आयोजित की गई थी, जिसमें परीक्षार्थियों का मोबाइल नंबर भरना होता था। यह गोपनीयता के मानकों के खिलाफ माना जा रहा है।
चयनित अभ्यर्थियों ने लंबित जांच और ट्रेनिंग में देरी के कारण EOW को पत्र लिखा है और मामले की तेजी से जांच व दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।





