बीजापुर में बड़ी कामयाबी: 25 हार्डकोर नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, सरकार की नीति ला रही रंग

बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले से नक्सल उन्मूलन की दिशा में एक बड़ी और अहम खबर सामने आई है। यहां 25 कुख्यात नक्सलियों ने हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला लिया है। खास बात ये है कि ये सभी नक्सली बड़े इनामी थे और इन पर कुल मिलाकर 1 करोड़ 15 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इनमें से कई नक्सली “एसजेडसीएम” (Spacial Zonal Committee Member) जैसे उच्च रैंक पर थे, जिनकी कुल कीमत करीब 25 करोड़ मानी जा रही थी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस मौके पर आत्मसमर्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यह कोई अचानक हुआ बदलाव नहीं है, बल्कि राज्य सरकार की “आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025” और जनहित की योजनाओं का असर है। उन्होंने बताया कि ‘नियद नेल्लानार योजना’ जैसे प्रयासों ने आदिवासी इलाकों में लोगों का सरकार पर भरोसा बढ़ाया है।
सीएम साय ने कहा, “हम यह सुनिश्चित करेंगे कि जो नक्सली समाज की मुख्यधारा में लौटे हैं, उन्हें सम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर मिले।” उन्होंने यह भी बताया कि सरकार उन्हें शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा जैसी सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराएगी।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का आभार जताते हुए कहा कि उनके सहयोग और दिशा-निर्देश में राज्य सरकार मार्च 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।
बीजापुर में हुआ यह सामूहिक आत्मसमर्पण सरकार की नक्सल विरोधी नीति की बड़ी जीत माना जा रहा है और उम्मीद की जा रही है कि इससे और भी नक्सली हिंसा का रास्ता छोड़कर शांति की ओर बढ़ेंगे।





