शराब घोटाला मामले में पूर्व आईएएस सहित 5 आरोपियों को जमानत, दो अन्य केस के कारण जेल में ही रहेंगे

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में हाईकोर्ट ने पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा, कारोबारी अनवर ढेबर समेत पांच आरोपियों को जमानत दे दी है। सिंगल बेंच ने ट्रायल में देरी को आधार मानते हुए सभी की जमानत याचिका स्वीकार की। हालांकि डीएमएफ से जुड़े एक अन्य मामले में जमानत न मिलने के कारण अनिल टुटेजा और अनवर ढेबर को फिलहाल जेल में ही रहना होगा।

मामले में आरोपी करीब 22 महीने से न्यायिक हिरासत में हैं। इससे पहले विशेष अदालत और हाईकोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद आरोपियों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल जमानत देने से इनकार करते हुए कुछ समय बाद दोबारा हाईकोर्ट में याचिका लगाने की छूट दी थी। इसके बाद दोबारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राहत दी।

इस प्रकरण में प्रवर्तन निदेशालय की जांच में लगभग 3200 करोड़ रुपए के आबकारी घोटाले का खुलासा होने का दावा किया गया था। आरोप है कि शराब नीति में बदलाव, नकली होलोग्राम और कथित सिंडिकेट के जरिए अवैध रूप से शराब की बिक्री कर शासन को भारी राजस्व हानि पहुंचाई गई। बाद में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने भी मामला दर्ज किया।

जांच एजेंसियों के अनुसार डिस्टिलरी संचालकों से कथित कमीशन वसूली, नकली होलोग्राम लगाकर सरकारी दुकानों के माध्यम से शराब की बिक्री और सप्लाई जोन में हेरफेर कर अवैध धन उगाही जैसे आरोप सामने आए थे। मामले में पूर्व आबकारी मंत्री, पूर्व आईएएस अधिकारी, कारोबारी और विभागीय अधिकारियों सहित कई लोगों को आरोपी बनाया गया है।

हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बावजूद डीएमएफ से जुड़े कथित 550 करोड़ रुपए के मामले में अलग से आरोपित होने के कारण अनिल टुटेजा और अनवर ढेबर की रिहाई फिलहाल नहीं हो सकेगी। वहीं अन्य तीन आरोपी जमानत की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद जेल से बाहर आ सकेंगे। मामले की आगे की सुनवाई ट्रायल कोर्ट में जारी रहेगी।

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