दुर्ग में दर्दनाक हादसा, सिलेंडर ब्लास्ट में एक परिवार के 4 लोगों की मौत

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में भीषण आग और सिलेंडर ब्लास्ट की घटना में एक ही परिवार के चार लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई। हादसा कुम्हारी इलाके में हुआ, जहां बिजली के खंभे में हुए शॉर्ट सर्किट के बाद घर में आग लग गई। आग किचन तक पहुंची और गैस सिलेंडर में जोरदार विस्फोट हो गया। मृतकों में दो बहनें, उनके पिता और डेढ़ साल की मासूम बच्ची शामिल हैं।
शॉर्ट सर्किट के बाद फैली आग
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, घर के बाहर लगे बिजली के खंभे में शॉर्ट सर्किट हुआ था। इसके बाद आग मकान तक पहुंच गई और धीरे-धीरे पूरे घर में फैल गई। आग किचन तक पहुंचते ही सिलेंडर ब्लास्ट हो गया। धमाका इतना तेज था कि पूरे घर में आग की लपटें फैल गईं और अंदर मौजूद लोग बाहर निकल नहीं सके।
परिजनों ने बताया कि हादसे वाले दिन ही गैस सिलेंडर भरवाकर लाया गया था। उस समय घर में लक्ष्मी, चांदनी, उनके पिता अनिल वैष्णव और डेढ़ साल की बच्ची मौजूद थे। वहीं परिवार के कुछ सदस्य घर के बाहर होने के कारण बच गए।
मदद की कोशिशें नाकाम, चारों की मौके पर मौत
धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग तेजी से फैल चुकी थी। परिवार का बेटा गौतम भी अपने दोस्तों के साथ आग बुझाने में जुटा रहा, लेकिन सिलेंडर ब्लास्ट के बाद हालात बेकाबू हो गए।
हादसे में घर पूरी तरह जलकर खाक हो गया। मौके से चार लोगों के जले हुए शव बरामद किए गए, जिन्हें पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है।
मुआवजे का ऐलान, लापरवाही पर उठे सवाल
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस और जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए सहायता राशि देने की घोषणा की है, जबकि जिला प्रशासन की ओर से 4-4 लाख रुपए मुआवजा देने की बात कही गई है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात की और बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि खंभे में स्पार्किंग की शिकायत पहले से की गई थी, लेकिन विभाग ने ध्यान नहीं दिया। साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और परिजनों को अधिक मुआवजा देने की मांग भी की गई है।





