युवा विधायकों का मंथन शुरू, लोकतंत्र और विकसित भारत 2047 पर होगी चर्चा

मध्य प्रदेश विधानसभा में तीन राज्यों के युवा विधायकों का दो दिवसीय सम्मेलन शुरू हो गया है, जिसमें मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के कुल 45 विधायक शामिल हो रहे हैं। सम्मेलन का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किया गया, जबकि कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी मौजूद रहे।
सम्मेलन की शुरुआत पारंपरिक लोक नृत्य के साथ विधायकों के स्वागत से हुई। विधानसभा परिसर में सभी विधायकों का समूह फोटो भी लिया गया और उन्हें पारंपरिक तरीके से सम्मानित किया गया।
दो दिन तक चलने वाले इस सम्मेलन में कुल पांच सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें पहले दिन तीन सत्र रखे गए हैं। इन सत्रों में लोकतंत्र में नागरिकों की भागीदारी को मजबूत करने, सुशासन और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में युवा विधायकों की भूमिका जैसे अहम विषयों पर चर्चा होगी।
सम्मेलन के दौरान विभिन्न राज्यों के अनुभव साझा किए जाएंगे, जिससे विधायकों को संसदीय परंपराओं और कार्यप्रणाली की बेहतर समझ मिल सके। समापन सत्र में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश सिंह भी शामिल होंगे।
दूसरे दिन ‘विकसित भारत 2047- युवा विधायकों के दायित्व एवं चुनौतियां’ विषय पर विशेष मंथन किया जाएगा, जिसमें विशेषज्ञों और वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों के संबोधन भी होंगे। यह आयोजन युवा जनप्रतिनिधियों को लोकतांत्रिक मूल्यों और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।





