महिला आयोग ने की जनसुनवाई, साइबर अपराध और यौन उत्पीड़न पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश

बिलासपुर, छत्तीसगढ़ – राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य ममता कुमारी आज बिलासपुर पहुंची, जहां उन्होंने अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान संभाग के पांच जिलों से आई करीब 48 शिकायतों की जनसुनवाई की। इस जनसुनवाई में घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना और यौन उत्पीड़न के कई मामलों पर चर्चा की गई।
जनसुनवाई में ममता कुमारी ने यौन उत्पीड़न से संबंधित मामलों में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए और पेंडिंग मामलों के निष्पादन के लिए एक सप्ताह की समय सीमा तय की। उन्होंने “आयोग आपके द्वार” कार्यक्रम के तहत जनसुनवाई के महत्व को रेखांकित किया, जिसके माध्यम से पीड़ितों को बार-बार भटकने की आवश्यकता नहीं है और उनके मामलों का त्वरित निपटारा किया जा सकता है।
साइबर अपराध और मोबाइल टेक्नोलॉजी के दुरुपयोग पर चिंता
जनसुनवाई के दौरान ममता कुमारी ने साइबर अपराध और मोबाइल टेक्नोलॉजी के दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे विज्ञान और तकनीकी संसाधन बढ़ते जा रहे हैं, वैसे-वैसे महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों की चुनौतियां भी बढ़ रही हैं। हालांकि, आयोग इन बढ़ती हुई चुनौतियों को स्वीकार कर न्याय दिलाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
ममता कुमारी ने यह भी कहा कि महिला आयोग अपने प्रयासों में कोई कमी नहीं रखेगा और समाज में महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए सख्त कदम उठाएगा।
सुनवाई में शामिल थे विभिन्न जिले के पीड़ित
इस जनसुनवाई में बिलासपुर और उसके आसपास के क्षेत्रों से विभिन्न पीड़ित महिलाएं शामिल हुईं, जिन्होंने आयोग से सहायता की मांग की। इन मामलों में घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न और यौन उत्पीड़न के आरोपों पर गहन चर्चा की गई।
आयोग ने सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए पीड़ितों को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। साथ ही, सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जल्द से जल्द इन मामलों का निपटारा करें।





